​वर्दी केवल परिधान नहीं, विश्वास और त्याग का प्रतीक है: कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल

​एक चौथाई महिला अधिकारियों की भागीदारी पर गर्व, समाज में सुरक्षा की नई पहचान बनेंगी बेटियां।



रायपुर/चंदखुरी । छत्तीसगढ़ के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने आज चंदखुरी स्थित राज्य पुलिस अकादमी का दौरा कर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे 870 नव-नियुक्त युवा पुलिस अधिकारियों से आत्मीय मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने भावी पुलिस नेतृत्व को कर्तव्यनिष्ठा, तकनीकी दक्षता और मानवीय संवेदनाओं के साथ जनसेवा का संकल्प दिलाया।

युवा अधिकारियों को संबोधित करते हुए मंत्री अग्रवाल ने कहा कि पुलिस की वर्दी केवल एक परिधान नहीं, बल्कि यह समाज के विश्वास, कर्तव्य और त्याग का सर्वोच्च प्रतीक है। जब एक आम नागरिक निश्चिंत होकर सोता है, तो उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी आपके कंधों पर होती है। संकट के समय समाज की पहली और अंतिम उम्मीद पुलिस ही होती है। उन्होंने अधिकारियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वर्दी केवल तन पर नहीं, बल्कि अपने चरित्र और आत्मा में धारण की जानी चाहिए।

राज्य के सुरक्षा परिदृश्य पर चर्चा करते हुए मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने नक्सलवाद जैसी गंभीर चुनौती पर प्रभावी नियंत्रण पाया है, जिसका श्रेय सुरक्षा बलों के साहस और देश के मजबूत नेतृत्व को जाता है। उन्होंने आगाह किया कि अब चुनौतियां बदल रही हैं। आज के दौर में साइबर अपराध, संगठित अपराध और सोशल मीडिया के जरिए फैलने वाली अफवाहों से निपटने के लिए पुलिस को तकनीकी रूप से अधिक उन्नत और चौकन्ना रहना होगा।

मंत्री अग्रवाल ने इस बैच में लगभग 25 प्रतिशत महिला अधिकारियों की उपस्थिति पर विशेष प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि बेटियों की यह भागीदारी न केवल प्रदेश के लिए गर्व का विषय है, बल्कि यह समाज में महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण के एक नए युग की शुरुआत है।

संबोधन के समापन पर मंत्री ने युवाओं को स्पष्ट संदेश दिया डर पैदा मत कीजिए, विश्वास पैदा कीजिए। शक्ति का प्रदर्शन मत कीजिए, न्याय का संरक्षण कीजिए। उन्होंने कहा कि एक अधिकारी की वर्दी तभी सार्थक है जब सड़क पर चलता हुआ सामान्य नागरिक गर्व से कह सके कि—”पुलिस है, इसलिए मैं सुरक्षित हूं।”

​इस गरिमामयी कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक पल्लव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. पंकज शुक्ला सहित पुलिस अकादमी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मंत्री अग्रवाल ने सभी 870 प्रशिक्षुओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें निष्पक्षता के साथ राज्य की सेवा करने का आशीर्वाद दिया।

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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