छत्तीसगढ़ विधानसभा में गैस सिलेंडर की कमी पर हंगामा, कांग्रेस के 30 विधायक निलंबित….

एलपीजी सिलेंडर की कथित कमी और कालाबाजारी को लेकर विधानसभा में जोरदार हंगामा। विपक्ष ने चर्चा की मांग की, सभापति ने प्रस्ताव खारिज किया तो नारेबाजी के बीच विधायकों को किया गया निलंबित.....





रायपुर, 12 मार्च 2026। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान गुरुवार को रसोई गैस सिलेंडर की कथित कमी को लेकर सदन में जमकर हंगामा हुआ। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने राज्य में एलपीजी सिलेंडर की कमी और बढ़ती कीमतों का मुद्दा उठाते हुए इस पर तत्काल चर्चा कराने की मांग की। हालांकि विधानसभा अध्यक्ष ने स्थगन प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया, जिसके बाद कांग्रेस के विधायक आसन के सामने आकर नारेबाजी करने लगे।

सदस्यों के आसन के समीप आने और लगातार हंगामा करने के कारण नियमों के तहत कांग्रेस के विधायकों को निलंबित कर दिया गया। बाद में सभापति ने जानकारी दी कि कांग्रेस के कुल 30 सदस्य निलंबित किए गए हैं। हालांकि कुछ समय बाद उनका निलंबन वापस ले लिया गया और वे सदन की कार्यवाही में फिर से शामिल हो सके।


विपक्ष ने गैस सिलेंडर की कमी का मुद्दा उठाया

शून्यकाल के दौरान नेता प्रतिपक्ष Charandas Mahant ने कहा कि राज्य में बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को रसोई गैस सिलेंडर की कमी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने पहले भरोसा दिलाया था कि प्रदेश में गैस की कोई कमी नहीं होगी, लेकिन इसके बाद कीमतों में बढ़ोतरी हो गई और अब आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है।

उन्होंने इस मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव लाकर सदन में विस्तृत चर्चा कराने की मांग की।


भाजपा विधायक ने इसे केंद्र का विषय बताया

इस दौरान भाजपा के वरिष्ठ विधायक Ajay Chandrakar ने कहा कि एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति और मूल्य निर्धारण का विषय केंद्र सरकार से जुड़ा हुआ है। इसलिए इसे राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र का विषय नहीं माना जा सकता।

इसके बावजूद विपक्ष ने इस मुद्दे को लेकर चर्चा कराने की मांग जारी रखी।


भूपेश बघेल ने उठाए कालाबाजारी के सवाल

पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel ने कहा कि भले ही एलपीजी आपूर्ति का नियंत्रण केंद्र सरकार के पास हो, लेकिन कालाबाजारी और जमाखोरी जैसे मुद्दों पर कार्रवाई करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई क्षेत्रों में गैस सिलेंडर की कमी और कालाबाजारी की शिकायतें सामने आ रही हैं। इसी कारण विपक्ष ने यह मुद्दा शून्यकाल में उठाया है।


36 लाख से अधिक उपभोक्ता प्रभावित होने का दावा

नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने कहा कि राज्य में 36 लाख से अधिक एलपीजी उपभोक्ता हैं और बड़ी संख्या में लोग सिलेंडर की कमी से परेशान हो रहे हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं और गैस की आपूर्ति सुचारु बनाई जाए।


वैश्विक हालात का असर भी बताया गया

भूपेश बघेल ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिसका असर भारत समेत कई देशों में देखने को मिल रहा है।

उन्होंने दावा किया कि वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति में भी रुकावट आई है, जिसके कारण कई शहरों में होटल और रेस्टोरेंट प्रभावित हुए हैं। कुछ स्थानों पर लगभग आधे होटल बंद होने की खबरें भी सामने आई हैं।


कार्यक्रमों और व्यापार पर पड़ सकता है असर

पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यदि वाणिज्यिक गैस सिलेंडर की आपूर्ति प्रभावित रही तो विवाह समारोह और अन्य बड़े कार्यक्रम भी प्रभावित हो सकते हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि एलपीजी के साथ-साथ पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता को लेकर भी कई स्थानों पर दिक्कतें सामने आ रही हैं और इससे कालाबाजारी बढ़ने की आशंका है।


हंगामे के बीच कार्यवाही स्थगित

विपक्ष द्वारा लगातार नारेबाजी और हंगामे के कारण विधानसभा अध्यक्ष को सदन की कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी। बाद में कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, लेकिन स्थगन प्रस्ताव को यह कहते हुए खारिज कर दिया गया कि यह मामला केंद्र सरकार से जुड़ा हुआ है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि गैस आपूर्ति और महंगाई का मुद्दा आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति में प्रमुख मुद्दा बन सकता है।


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Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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