छत्तीसगढ़ में पुलिस भर्ती का बड़ा ऐलान: साय सरकार ने खोला रोजगार का पिटारा, पुलिस विभाग में हजारों नए पद सृजित
राज्य सरकार ने 2026-27 बजट में पुलिस विभाग को मजबूत करने के लिए हजारों नए पदों की मंजूरी दी है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में नए थाने, साइबर अपराध से निपटने के लिए विशेष इकाइयां और आधुनिक आईटी सेंटर स्थापित किए जाएंगे।

रायपुर, 11 मार्च 2026। छत्तीसगढ़ में युवाओं के लिए सरकारी नौकरियों के बड़े अवसर खुलने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने पुलिस विभाग में बड़े पैमाने पर भर्ती की तैयारी शुरू कर दी है। उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने विधानसभा में विभागीय बजट पर चर्चा के दौरान जानकारी दी कि राज्य में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और आधुनिक अपराधों से निपटने के लिए हजारों नए पद सृजित किए जा रहे हैं।
सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पुलिस विभाग के बजट में बड़ा प्रावधान किया है। इसके तहत राजस्व व्यय मद में 7130.48 करोड़ रुपये और पूंजीगत व्यय मद में 590.53 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस प्रकार पुलिस विभाग के लिए कुल 7721.01 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।
पुलिस विभाग में हजारों पदों पर भर्ती की तैयारी
गृह मंत्री विजय शर्मा ने बताया कि राज्य में पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई नई इकाइयों और थानों की स्थापना की जा रही है। इसके तहत नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 15 नए पुलिस थानों की स्थापना के लिए 975 नए पदों का प्रावधान किया गया है। वहीं 8 पुलिस चौकियों को थाना स्तर पर अपग्रेड करने के लिए 337 नए पद स्वीकृत किए गए हैं।
इसके अलावा जिन 21 पुलिस थानों में बल की कमी है, वहां अतिरिक्त बल की व्यवस्था के लिए 870 नए पदों का सृजन किया गया है। राज्य में नवगठित जिलों सारंगढ़-बिलाईगढ़, सक्ती, बलौदाबाजार, बालोद, बेमेतरा और मुंगेली में पुलिस कार्यों को सुदृढ़ करने के लिए डीसीबी और डीसीआरबी के 156 नए पद स्वीकृत किए गए हैं।
बस्तर फाइटर और विशेष बल में भी बढ़े पद
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए सरकार ने बस्तर फाइटर बल में 1500 नए आरक्षक पद स्वीकृत किए हैं। इसके अलावा आतंकवाद और संगठित अपराध से निपटने के लिए एंटी टेररिस्ट स्क्वाड में 325 नए पदों का प्रावधान किया गया है।
राज्य में पुलिस महानिरीक्षक रेंज रायपुर और राजनांदगांव के नए कार्यालयों के लिए 41 पद तथा विभिन्न पुलिस अधीक्षक कार्यालयों में 110 अतिरिक्त पद भी स्वीकृत किए गए हैं।
साइबर अपराध से निपटने के लिए आधुनिक आईटी सेंटर
वर्तमान समय में बढ़ते साइबर अपराध को देखते हुए सरकार ने नवा रायपुर स्थित पुलिस मुख्यालय में आधुनिक आईटी सेंटर स्थापित करने का निर्णय लिया है। इसके लिए 6 नए पदों का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा बालोद, बेमेतरा, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, सक्ती और बलरामपुर जिलों में 5 नए साइबर थानों की स्थापना की जाएगी, जिनके लिए 50 नए पद स्वीकृत किए गए हैं।
नए पुलिस जिलों और सुरक्षा इकाइयों में भी बढ़े पद
राज्य में पुलिस व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए रायपुर शहर में लागू पुलिस आयुक्त प्रणाली के सुचारू संचालन के लिए 67 नए पद बनाए गए हैं। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में अलग रायपुर ग्रामीण पुलिस जिला संचालित करने के लिए 251 पद स्वीकृत किए गए हैं।
शासकीय रेल पुलिस रायपुर में भी अतिरिक्त बल के लिए 150 पदों का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा राजभवन, मुख्यमंत्री निवास और मंत्रालय की सुरक्षा के लिए 250 अतिरिक्त पद स्वीकृत किए गए हैं।
पुलिस भर्ती में युवाओं के लिए अवसर
सरकार के अनुसार पुलिस विभाग में कांस्टेबल और अन्य पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से आयोजित की जाएगी। आमतौर पर पुलिस कांस्टेबल भर्ती में शारीरिक दक्षता परीक्षा, दस्तावेज सत्यापन और लिखित परीक्षा शामिल होती है। चयनित उम्मीदवारों को वेतनमान स्तर-4 के अनुसार लगभग 19,500 से 62,000 रुपये तक वेतन और अन्य भत्ते मिलते हैं।
हालांकि हाल ही में राज्य में चल रही लगभग 6000 आरक्षक पदों की भर्ती प्रक्रिया को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर होने के बाद नई नियुक्तियों पर अस्थायी रोक भी लगाई गई थी।
जेल और फोरेंसिक व्यवस्था को भी किया जा रहा मजबूत
राज्य सरकार ने जेलों के आधुनिकीकरण के लिए भी कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। प्रदेश की 16 जेलों में प्रिजन कॉलिंग सिस्टम स्थापित किया जाएगा, जिससे बंदी अपने परिजनों और वकीलों से वीडियो या वॉइस कॉल के माध्यम से संपर्क कर सकेंगे। इसके लिए बजट में 1.05 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
इसके अलावा 10 जिलों में सीन ऑफ क्राइम यूनिट स्थापित करने के लिए 50 पद स्वीकृत किए गए हैं और रायपुर स्थित न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला के लिए 65 पदों को मंजूरी दी गई है।
ग्रामीण विकास और विज्ञान विभाग के लिए भी बड़ा बजट
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के लिए भी सरकार ने बड़े पैमाने पर बजट का प्रावधान किया है। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के लिए 4265 करोड़ रुपये और विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन के लिए 4000 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। वहीं विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के लिए 225 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है।
राज्य में वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने के लिए विज्ञान तीर्थ दर्शन अभियान शुरू किया जाएगा, जिसके तहत विद्यार्थियों और शोधार्थियों को राष्ट्रीय स्तर के अनुसंधान संस्थानों का भ्रमण कराया जाएगा।
छत्तीसगढ़ में सुरक्षा और रोजगार दोनों पर फोकस
राज्य सरकार का कहना है कि इन फैसलों का उद्देश्य एक ओर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को मजबूत करना है, वहीं दूसरी ओर युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार उपलब्ध कराना भी है। पुलिस बल में नए पदों की स्वीकृति से विशेष रूप से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और युवाओं के लिए सरकारी नौकरी के नए अवसर खुलेंगे।



