नाबालिग की फोटो और नंबर सोशल मीडिया पर वायरल करने वाले को 3 साल की जेल,1 लाख मुआवजा
सोशल मीडिया पर पीड़िता का उत्पीड़न करने वाले को कोर्ट ने दी कड़ी सजा, पीड़िता को मिलेगा आर्थिक मुआवजा

रायपुर। सोशल मीडिया पर एक नाबालिग लड़की की तस्वीर और मोबाइल नंबर सार्वजनिक कर उसका मानसिक व लैंगिक उत्पीड़न करने वाले आरोपी को कोर्ट ने सलाखों के पीछे भेज दिया है। रायपुर के माननीय विशेष न्यायालय (पॉक्सो) ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी रूपेश यादव (19 वर्ष) को दोषी करार देते हुए 3 वर्ष के सश्रम कारावास (कड़ी कैद) की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने पीड़िता को राहत देते हुए ‘महिला पीड़ित प्रतिकर योजना’ के तहत 1 लाख रुपये की आर्थिक मुआवजा राशि प्रदान करने के आदेश भी जारी किए हैं।
मामले की जानकारी देते हुए पश्चिम जोन के पुलिस उपायुक्त (DCP) ने बताया कि थाना पुरानी बस्ती में आरोपी रूपेश यादव (निवासी: कुशालपुर, पुरानी बस्ती) के खिलाफ अपराध क्रमांक 151/2025 दर्ज किया गया था। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 79, आईटी एक्ट की धारा 67 और पॉक्सो एक्ट की धारा 12 व 15 के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस ने विवेचना के दौरान तत्परता दिखाते हुए सभी आवश्यक तकनीकी और दस्तावेजी साक्ष्य जुटाए। कोर्ट में यह पूरी तरह प्रमाणित हुआ कि आरोपी ने पीड़िता की फोटो और मोबाइल नंबर सोशल मीडिया पर प्रसारित कर अश्लील सामग्री पोस्ट की थी और उसका लैंगिक उत्पीड़न किया था।
पुलिस द्वारा न्यायालय के समक्ष बेहद मजबूत और अचूक अभियोग पत्र (चार्जशीट) प्रस्तुत किया गया था। ठोस सबूतों और पुलिस की सशक्त पैरवी के मद्देनजर विशेष न्यायालय ने आरोपी को सख्त सजा सुनाकर समाज में एक कड़ा संदेश दिया है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर महिलाओं और बच्चों के साथ होने वाले अपराधों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।



