ओडिशा का अंतर्राज्यीय तस्कर गिरफ्तार, 4 किलो से अधिक गांजा जप्त
पकड़े गए आरोपी मानस रंजन नाग से 2 लाख रुपये से अधिक का गांजा बरामद, पंडरी थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज।

रायपुर । राजधानी रायपुर में नशे के सौदागरों के खिलाफ रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU), एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और थाना पंडरी पुलिस की संयुक्त टीम ने घेराबंदी कर ओडिशा के एक अंतर्राज्यीय गांजा तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से 4.180 किलोग्राम अवैध गांजा जप्त किया गया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 2 लाख 9 हजार रुपये आंकी जा रही है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 3 जुलाई 2026 को मुखबिर के जरिए एक पुख्ता सूचना प्राप्त हुई थी कि पंडरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत कापा स्थित माल धक्का रोड के पास एक संदिग्ध व्यक्ति अपने बैग में भारी मात्रा में गांजा लेकर ग्राहक की तलाश में खड़ा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला और पुलिस उपायुक्त (नॉर्थ जोन) मयंक गुर्जर ने तत्काल संयुक्त मॉनिटरिंग शुरू की। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर अधीनस्थ अधिकारियों, ANTF और पंडरी पुलिस की एक विशेष संयुक्त टीम का गठन कर तत्काल मौके पर रवाना किया गया।
मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने जब मुखबिर के बताए हुलिए के आधार पर संदेही को चिन्हांकित किया और उससे पूछताछ का प्रयास किया, तो वह पुलिस को देखकर भागने लगा। मुस्तैद पुलिस कर्मियों ने बिना वक्त गंवाए चारों तरफ से घेराबंदी कर उसे धर दबोचा।
गिरफ्तार आरोपी का विवरण:
- नाम: मानस रंजन नाग (उम्र 28 वर्ष)
- पिता का नाम: सर्वेश्वर नाग
- मूल निवासी: ग्राम व थाना सिनापाली, जिला नुआपाड़ा (ओडिशा)
- वर्तमान पता: लोधीपारा वर्मा बाड़ा, थाना पंडरी, रायपुर
पुलिस टीम द्वारा जब आरोपी के पास मौजूद बैग की सघन तलाशी ली गई, तो उसके भीतर से कुल 4.180 किलोग्राम गांजा और 500 रुपये नगद बरामद हुए। जप्त किए गए मशरूका की कुल कीमत लगभग 2,09,500 रुपये बताई जा रही है।
इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने आरोपी मानस रंजन नाग के खिलाफ थाना पंडरी में अपराध क्रमांक 190/26, धारा 20बी नारकोटिक एक्ट (NDPS Act) के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।
रायपुर पुलिस इस मामले में केवल आरोपी की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। अधिकारियों के मुताबिक, नशीले पदार्थों के इस अवैध कारोबार की जड़ तक पहुंचने के लिए ‘फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेजेस’ (Forward and Backward Linkages) के आधार पर आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह रायपुर में यह गांजा किसे सप्लाई करने आया था और ओडिशा में इसके पीछे कौन से बड़े मगरमच्छ शामिल हैं।



