रायपुर, 23 जून 2026: छत्तीसगढ़ में सोशल मीडिया के जरिए किसी को बदनाम करने और फर्जी शिकायत के जरिए पुलिस को गुमराह करने का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है।
न्यायधानी बिलासपुर के तोरवा थाना क्षेत्र की पुलिस ने एक ऐसी युवती को गिरफ्तार किया है, जिसने अपने पूर्व प्रेमी (एक्स-बॉयफ्रेंड) को गंभीर अपराध में फंसाने के लिए उसके नाम का इस्तेमाल कर फर्जी इंटरनेट मीडिया प्रोफाइल तैयार की थी।
इस फर्जी आईडी के जरिए वह खुद को ही अश्लील और धमकी भरे मैसेज भेज रही थी ताकि युवक को जेल भिजवाया जा सके।
संजय रात्रे की शिकायत से शुरू हुई पुलिस जांच
नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) गगन कुमार (आईपीएस) ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि तिफरा क्षेत्र के रहने वाले पीड़ित युवक संजय रात्रे ने पिछले 15 मई को तोरवा थाने में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी।
संजय ने पुलिस को बताया था कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा इंटरनेट मीडिया पर उसके नाम और तस्वीर का दुरुपयोग कर एक फर्जी इंस्टाग्राम आईडी संचालित की जा रही है।
इस फर्जी अकाउंट के जरिए अलग-अलग लोगों को लगातार अश्लील, आपत्तिजनक और धमकी भरे संदेश भेजे जा रहे थे। इस हरकतों के कारण संजय रात्रे की सामाजिक प्रतिष्ठा और छवि पूरी तरह से धूमिल हो रही थी और उनका मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा था।
पीड़ित की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तोरवा पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में जुर्म दर्ज कर अपनी जांच शुरू की।
खुद को भेजे अश्लील मैसेज और पहुंच गई थाना
पुलिस की साइबर टीम और तकनीकी विशेषज्ञों ने जब इस इंस्टाग्राम अकाउंट के डिटेल्स, आईपी एड्रेस और डिजिटल ट्रेल का बारीकी से विश्लेषण किया, तो जांच की सुई शिकायत करने वाली एक युवती की तरफ घूम गई।
दरअसल, पुलिस जांच में आरोपी युवती प्रीति सूर्यवंशी की पहचान हुई, जो पूर्व में संजय रात्रे की परिचित थी और प्रेम संबंध टूटने के बाद उससे बदला लेना चाहती थी।
जांच में यह बेहद हैरान करने वाला खुलासा हुआ कि प्रीति सूर्यवंशी ने ही संजय रात्रे के नाम से वह फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाई थी। संजय को कानूनी पचड़े में फंसाने के लिए प्रीति ने उस फर्जी अकाउंट से खुद के निजी अकाउंट पर अश्लील और आपत्तिजनक मैसेज भेजे।
इसके बाद, उसने उन मैसेजों के स्क्रीनशॉट लिए और पुलिस के पास जाकर संजय के खिलाफ झूठी शिकायत दर्ज करा दी कि संजय उसे परेशान कर रहा है और उसकी अश्लील तस्वीरें भेज रहा है।
तकनीकी साक्ष्यों ने खोला राज, आरोपी युवती जेल दाखिल
युवती को लग रहा था कि उसका यह डिजिटल जाल कभी पकड़ा नहीं जाएगा, लेकिन बिलासपुर पुलिस और साइबर सेल की गहरी तकनीकी पड़ताल ने पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया।
पुलिस ने पाया कि जिस मोबाइल फोन और इंटरनेट नेटवर्क से वह फर्जी आईडी चलाई जा रही थी, वह किसी और का नहीं बल्कि खुद प्रीति सूर्यवंशी का ही था। उसने पुलिस को गुमराह करने और एक निर्दोष युवक का करियर बर्बाद करने की पूरी तैयारी कर ली थी।
मामले में पुख्ता डिजिटल और तकनीकी साक्ष्य मिलने के बाद तोरवा पुलिस ने आरोपी प्रीति सूर्यवंशी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए उसे स्थानीय न्यायालय में पेश किया, जहां से अदालत ने आरोपी युवती को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने का आदेश जारी कर दिया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर किसी को बदनाम करने वाले तत्वों के खिलाफ कानून बेहद सख्त है और भविष्य में भी ऐसी तकनीकी जांच के जरिए त्वरित कार्रवाई की जाएगी।