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24वीं राष्ट्रीय वनवासी क्रीड़ा प्रतियोगिता:अण्डमान-निकोबार,मणिपुर से खिलाड़ी पहुंचे रायपुर, गाजे बाजे से हुआ स्वागत







रायपुर । छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में होने जा रही 24वीं राष्ट्रीय वनवासी क्रीड़ा प्रतियोगिता के लिए जनजातीय खिलाड़ियों का रायपुर पहुॅचना शुरू हो गया है।

आज दूरस्थ अण्डमान-निकोबार द्वीप और उत्तर पूर्वी राज्य मणिपुर से खिलाड़ी रायपुर पहुँचें। अण्डमान-निकोबार से 20 सदस्यीय दल और मणिपुर से 28 खिलाडियों का रायपुर पहुंचने पर गाजे-बाजे के साथ भव्य स्वागत किया गया। शबरी कन्या आश्रम परिसर में सभी खिलाड़ियों, कोच और प्रबंधकों का तिलक लगाकर पुष्प गुच्छों के साथ स्वागत किया गया।

अण्डमान-निकोबार से आये खिलाड़ियों में विशेष पिछड़ी जनजाति ग्रेट अण्डमानी की 2 सदस्य जुरोल और पिगरी भी शामिल है। मणिपुर के खिलाड़ियों ने रायपुर पहॅुंचने पर किए गए स्वागत के प्रति खुशी जाहिर की। अण्डमान-निकोबार के खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता के लिए की गई व्यवस्थाओं की भी तारीफ की। सभी खिलाड़ी इस प्रतियोगिता के उत्साह से भरे नजर आएं। आने वाले दो दिनों में अन्य प्रदेशों से भी तीरंदाजी और फुटबॉल के जनजातीय खिलाड़ी रायपुर पहॅुंचेंगे।

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खिलाड़ियों का स्वागत अमर बंसल, सचिव स्वागत समिति, डॉ अनुराग जैन सचिव वनवासी विकास समिति, उमेश कच्छप, अध्यक्ष वनवासी विकास समिती छत्तीसगढ़,प्रवीण ढोलके क्षेत्रीय संगठन मंत्री,सुभाष बड़ोले क्षेत्रीय सह संगठन मंत्री, राम नाथ कश्यप प्रान्त संगठन मंत्री, रवि गोयल, गोपाल बियानी, माधवी जोशी ने किया ।

अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम से संम्बद्ध संस्था वनवासी विकास समिति छत्तीसगढ़ द्वारा आयोजित की जा रही 24वीं राष्ट्रीय वनवासी क्रीड़ा प्रतियोगिता 27 से 31 दिसम्बर तक राजधानी रायपुर में होगी। प्रतियोगिता में वनवासी कल्याण आश्रम के कार्यक्षेत्र अनुसार 33 प्रांतों के आठ सौ से अधिक जनजातीय बालक-बालिकाएं भाग लेंगे।

प्रतियोगिता में फुटबॉल और तीरंदाजी की प्रतिस्पर्धायें होंगी। फुटबॉल की प्रतिस्पर्धाएं कोटा स्टेडियम और पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय मैदान पर होंगी। इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए सभी तैयारियां तेजी से की जा रही हैं।

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वनवासी विकास समिति के प्रचार-प्रसार प्रभाग के प्रभारी राजीव शर्मा ने आज यहां बताया कि देशभर में जनजातीय खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान करने और उन्हें पहचान कर भविष्य के राष्ट्रीय खिलाड़ी तैयार करने के उद्देश्य से यह प्रतियोगिता आयोजित की जाती है। इस बार 24वीं प्रतियोगिता राजधानी रायपुर में हो रही है। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में अण्डमान निकोबार से लेकर दिल्ली, पंजाब तक के लगभग 33 प्रांतों से जनजातीय खिलाड़ी शामिल होंगे।

तीरंदाजी की प्रतियोगिता जूनियर और सब जूनियर वर्ग में बालक-बालिकाओं के लिए होगी। फुटबॉल प्रतियोगिता में जूनियर सब जूनियर वर्ग में जनजातीय बालक अपने खेल का जौहर दिखाएंगे।

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शर्मा ने बताया कि विभिन्न प्रांतों से प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए रायपुर आने वाले जनजातीय खिलाड़ियों के आवास और भोजन की व्यवस्था वनवासी विकास समिति द्वारा की जा रही है। रोहणीपुरम स्थित शबरी कन्या आश्रम परिसर में बालिकाओं को रखा जाएगा। सरस्वती शिशु मंदिर और सरस्वती शिक्षा संस्थान परिसरों में बालकों के आवास की व्यवस्था रहेगी। सभी के लिए शबरी कल्याण आश्रम परिसर में नास्तें और भोजन की व्यवस्था की गई है। आवास स्थल से खेल मैदान तक आने-जाने के लिए खिलाड़ियों को वाहन व्यवस्था भी उपलब्ध कराई जाएगी। प्रतियोगिता में विजेताओं को मेडल और ट्रॉफी के साथ प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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