Big BreakingChhattisgarhFeaturedरायपुर

नक्सलवाद पर निर्णायक प्रहार: छत्तीसगढ़-आंध्र सीमा पर भीषण मुठभेड़, टेक शंकर सहित 7 नक्सली ढेर

सुरक्षाबलों के 'ऑपरेशन' में मेटूरू जोगा राव उर्फ़ टेक शंकर मारा गया; 7 शवों के साथ 2 AK-47 सहित 8 हथियार बरामद।





छत्तीसगढ़ और आंध्रप्रदेश की सीमा पर स्थित मारेडुमिल्ली के जंगलों में सुरक्षाबलों ने एक बार फिर नक्सलियों के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। बुधवार सुबह 6:30 बजे से शुरू हुई भीषण मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने सात नक्सलियों को मार गिराया है। मारे गए नक्सलियों में कुख्यात कमांडर मेटूरू जोगा राव उर्फ़ टेक शंकर के शामिल होने की खबर है।

​मौके से जवानों ने चार पुरुष और तीन महिला समेत कुल सात नक्सलियों के शव बरामद किए हैं। इसके अलावा, दो AK-47 राइफल सहित कुल आठ घातक हथियार भी बरामद किए गए हैं।

हिडमा के खात्मे के बाद दूसरी बड़ी सफलता

ये भी पढ़ें  अदानी और मणिपुर मामले पर कांग्रेस ने किया राजभवन तक पैदल मार्च,पीएम मोदी के खिलाफ की नारेबाजी

​यह कार्रवाई देश के सबसे कुख्यात नक्सली नेता माड़वी हिडमा को मंगलवार को आंध्र के अल्लूरी सीताराम जिले में मार गिराए जाने के ठीक बाद हुई है। सूत्रों के अनुसार, हिडमा को ढेर करने के साथ ही, उसके 50 सहयोगियों को भी आंध्र प्रदेश के अलग-अलग जिलों से गिरफ्तार किया गया था। शुरुआती खबरें इनकी संख्या 31 बता रही थीं, लेकिन अब यह संख्या 50 बताई जा रही है।

​इस ताजा मुठभेड़ में शीर्ष नक्सली कमांडर और सीसी मेंबर देवजी के मारे जाने की भी खबर है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है। देवजी तेलंगाना के करीम नगर का रहने वाला था और उस पर विभिन्न राज्यों में कुल 6 करोड़ रुपये का बड़ा इनाम घोषित था।

ये भी पढ़ें  70 से अधिक चाकूबाजों, हिस्ट्रीशीटरों एवं अपराधिक तत्वों को क्राईम ब्रांच में किया हाजिर, निकाली परेड

गृह मंत्रालय की डेडलाइन से पहले बड़ा एक्शन

​केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने 30 नवंबर तक नक्सलियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई के लिए डेडलाइन दी थी, लेकिन सुरक्षाबलों ने निर्धारित समय-सीमा से पहले ही एक के बाद एक बड़ी सफलता हासिल की है।

​इससे पहले मारे गए हिडमा पर 1 करोड़ रुपये का इनाम था। छत्तीसगढ़ में लगातार चलाए जा रहे ऑपरेशन के कारण वह डर गया था और अपनी जान को खतरा महसूस करते हुए आंध्र प्रदेश की ओर भाग रहा था, जहाँ वह सुरक्षाबलों के हाथों मारा गया।

​सुरक्षाबलों की इस संयुक्त और लगातार कार्रवाई से नक्सली नेटवर्क को भारी झटका लगा है और उनके खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को एक निर्णायक मोड़ मिला है।

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button