विदेश जाने वाले यात्रियों को एयरपोर्ट पर दिखानी होगी QR Code वाली RTPCR रिपोर्ट, लागू हुआ नियम

0
105

नई दिल्ली । विदेश की यात्रा करने वाले नागरिकों के लिए शनिवार से एक नया नियम एयरपोर्ट पर लागू हो गया है। दरअसल, नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने फैसला किया है कि विदेश जाने वाले यात्रियों को अब एयरपोर्ट पर क्यूआर कोड वाली कोरोना RT-PCR नेगेटिव रिपोर्ट दिखानी होगी, तभी यात्रियों को विमान में चढ़ने की अनुमति मिलेगी। आपको बता दें कि ये फैसला इसलिए लिया गया है, क्योंकि कई बार एयरपोर्ट पर या कहीं भी कोरोना की फर्जी रिपोर्ट से भी अधिकारियों की आंखों में धूल झोंकने की कोशिश की जाती है, इसलिए अब क्यूआर कोड वाली कोरोना रिपोर्ट के जरिए लैब और रिपोर्ट दोनों की वैलिडिटी का पता लगाया जा सकेगा।

ज्यादातर लैब की रिपोर्ट में आने लगा है क्यूआर कोड

मंत्रालय की तरफ से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है, “एयरलाइन ऑपरेटरों को ये सलाह दी जाती है कि 22 मई 2021 से सिर्फ उन यात्रियों को फ्लाइट में चढ़ने की अनुमति दी जाए, जिनके पास क्यूआर कोड वाली कोरोना नेगेटिव रिपोर्ट हो। आपको बता दें कि अभी तक कोरोना की रिपोर्ट में क्यूआर कोड की सुविधा नहीं थी, लेकिन अब ज्यादातर लैबोरेटरीज ने अपनी आरटी-पीसीआर रिपोर्ट पर क्यूआर कोड देना शुरू कर दिया है।

क्यों जरूरी है क्यूआर कोड वाली रिपोर्ट?

आपको बता दें कि कोरोना RT-PCR रिपोर्ट पर क्यूआर कोड के जरिए टेस्ट की पूरी जानकारी सामने आ जाएगी। इससे फर्जी रिपोर्ट से एयरपोर्ट पर आने वाले यात्रियों को रोका जा सकेगा। पुणे के कृष्णा डायग्नोस्टिक्स में कोविद -19 प्रबंधक श्रवण मुथा ने कहा कि उन्होंने अपनी लैब में फर्जी नेगेटिव रिपोर्ट से बचने के लिए एक प्रयोग किया था। उन्होंने बताया कि क्यूआर कोड के जरिए हमारे पोर्टल पर आपको मरीज की पूरी जानकारी मिल जाएगी।

31 मई तक इंटरनेशनल फ्लाइट हैं बैन

आपको बता दें कि कोरोना महामारी की दूसरी लहर के बीच इंटरनेशनल कमर्शियल फ्लाइट 31 मई तक पूरी तरह बंद हैं। संयुक्त राज्य अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, यूएई और ब्रिटेन सहित कई देशों ने भी उड़ानों पर प्रतिबंध लगा दिया है।