15 जुलाई 2026 का पंचांग: आषाढ़ गुप्त नवरात्रि का शुभारंभ और बुधादित्य योग का महासंयोग, जानें आज का शुभ मुहूर्त और राहुकाल
जानिए 15 जुलाई 2026 का विस्तृत दैनिक पंचांग (Panchang)। आषाढ़ गुप्त नवरात्रि के आरंभ पर शुभ मुहूर्त, राहुकाल, सूर्योदय-सूर्यास्त का समय और चौघड़िया मुहूर्त। जानिए आज किस समय करें शुभ काम।

15 जुलाई 2026, रायपुर। सनातन धर्म और हिंदू संस्कृति में किसी भी नए कार्य की शुरुआत करने से पहले पंचांग देखना बेहद अनिवार्य और शुभ माना गया है। शास्त्रों की मान्यता है कि यदि हम ग्रहों और नक्षत्रों की शुभ स्थिति को देखकर कदम आगे बढ़ाते हैं, तो कार्य की सफलता की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। आज 15 जुलाई 2026, बुधवार का दिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है। आज से पावन आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि का भव्य शुभारंभ होने जा रहा है, जो तंत्र-मंत्र की साधना और मां दुर्गा की गुप्त आराधना के लिए बेहद फलदायी मानी जाती है।
आज के दिन सौरमंडल के राजकुमार बुध और ज्ञान के दाता सूर्य की युति से बुधादित्य योग का निर्माण भी हो रहा है। ऐसे महासंयोग में आज के दिन की प्रत्येक घड़ी का अपना एक विशेष महत्व है। आइए रायपुर के सुप्रसिद्ध ज्योतिषाचार्यों और वैदिक पंचांग की गणना के अनुसार जानते हैं आज के सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, शुभ मुहूर्त और राहुकाल का पूरा विवरण।
15 जुलाई 2026 का मुख्य पंचांग विवरण
आज की तिथि, वार और नक्षत्र की स्थिति
आज विक्रम संवत 2083 (नल नाम संवत्सर) के अनुसार आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि है। आज बुधवार का दिन है, जो बुद्धि के दाता भगवान श्री गणेश जी को समर्पित होता है। प्रतिपदा तिथि आज दोपहर 01 बजकर 42 मिनट तक रहेगी, जिसके बाद द्वितीया तिथि प्रारंभ हो जाएगी।
आज आकाश मंडल में पुनर्वसु नक्षत्र का प्रभाव रहेगा, जो रात 11 बजकर 15 मिनट तक रहेगा। इसके बाद पुष्य नक्षत्र की शुरुआत होगी, जिसे नक्षत्रों का राजा माना जाता है। आज का योग व्याघात रहेगा जो दोपहर 02 बजकर 10 मिनट तक रहेगा और उसके बाद हर्षण योग की शुरुआत होगी। आज का करण बव रहेगा जो दोपहर 01 बजकर 42 मिनट तक रहेगा।
सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय का समय
आज रायपुर और देश के अधिकांश हिस्सों में सूर्योदय सुबह 05 बजकर 33 मिनट पर होगा। वहीं, संध्याकाल में सूर्यास्त का समय शाम 07 बजकर 12 मिनट पर रहेगा। आज चंद्रोदय का समय सुबह 06 बजकर 15 मिनट पर होगा और चंद्रास्त रात 08 बजकर 28 मिनट पर दर्ज किया जाएगा। आज चंद्र देव पूरे दिन और रात मिथुन राशि में गोचर करेंगे, जबकि सूर्य देव मिथुन राशि में ही विराजमान रहेंगे, जिससे दोनों ग्रहों की बेहद अनुकूल स्थिति बनी हुई है।
आज के शुभ और अशुभ मुहूर्त की विस्तृत समय सारणी
आज के सबसे शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat Today)
आज गुप्त नवरात्रि की कलश स्थापना और किसी भी नए व्यापारिक या व्यक्तिगत कार्य की शुरुआत करने के लिए कई शुभ मुहूर्त मिल रहे हैं। हालांकि, आज के दिन अभिजित मुहूर्त उपलब्ध नहीं है, लेकिन अन्य शुभ योग इस कमी को पूरा कर रहे हैं:
- अमृत काल मुहूर्त: शाम 08 बजकर 40 मिनट से रात 10 बजकर 25 मिनट तक।
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04 बजकर 11 मिनट से सुबह 04 बजकर 52 मिनट तक।
- विजय मुहूर्त: दोपहर 02 बजकर 45 मिनट से दोपहर 03 बजकर 40 मिनट तक।
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 07 बजकर 11 मिनट से शाम 07 बजकर 32 मिनट तक।
- सायाह्न सन्ध्या मुहूर्त: शाम 07 बजकर 12 मिनट से रात 08 बजकर 15 मिनट तक।
आज का अशुभ समय और राहुकाल (Ashubh Samay & Rahukaal)
हिंदू धर्मशास्त्रों के अनुसार, राहुकाल के दौरान किसी भी प्रकार के मांगलिक, धार्मिक या नए भौतिक कार्यों की शुरुआत करने से बचना चाहिए। इस काल में शुरू किए गए कार्यों में विघ्न और बाधाएं आने की आशंका बनी रहती है:
- राहुकाल: दोपहर 12 बजकर 23 मिनट से दोपहर 02 बजकर 05 मिनट तक।
- यमगण्ड काल: सुबह 07 बजकर 15 मिनट से सुबह 08 बजकर 57 मिनट तक।
- गुलिक काल: सुबह 10 बजकर 40 मिनट से दोपहर 12 बजकर 23 मिनट तक।
- दुर्मुहूर्त: दोपहर 11 बजकर 55 मिनट से दोपहर 12 बजकर 50 मिनट तक।
- वर्ज्यम्: सुबह 10 बजकर 15 मिनट से दोपहर 11 बजकर 58 मिनट तक।
आषाढ़ गुप्त नवरात्रि कलश स्थापना का शुभ चौघड़िया मुहूर्त
दिन का चौघड़िया मुहूर्त
यदि आप आज गुप्त नवरात्रि के पावन अवसर पर कलश स्थापना या कोई नया काम शुरू करना चाहते हैं, तो शुभ चौघड़िया का ध्यान अवश्य रखें। आज दिन के शुभ चौघड़िया मुहूर्त इस प्रकार हैं:
- लाभ चौघड़िया (उन्नति): सुबह 05 बजकर 33 मिनट से सुबह 07 बजकर 15 मिनट तक।
- अमृत चौघड़िया (सर्वोत्तम): सुबह 07 बजकर 15 मिनट से सुबह 08 बजकर 57 मिनट तक।
- शुभ चौघड़िया (उत्तम): सुबह 10 बजकर 40 मिनट से दोपहर 12 बजकर 23 मिनट तक।
- चार चौघड़िया (सामान्य): दोपहर 03 बजकर 48 मिनट से शाम 05 बजकर 30 मिनट तक।
- लाभ चौघड़िया (पुनः): शाम 05 बजकर 30 मिनट से शाम 07 बजकर 12 मिनट तक।
आज की दिशाशूल और विशेष सावधानी
आज बुधवार का दिन है और बुधवार के दिन उत्तर दिशा में यात्रा करना वर्जित माना गया है, क्योंकि आज उत्तर दिशा में दिशाशूल रहता है। यदि आज आपको किसी अत्यंत आवश्यक कार्य से उत्तर दिशा की ओर यात्रा करनी पड़ रही है, तो घर से निकलने से पहले थोड़ा सा साबुत धनिया या तिल खाकर निकलें। भगवान गणेश जी की कपूर से आरती करने के बाद यात्रा शुरू करने से दिशाशूल का दोष समाप्त हो जाता है और यात्रा सुखद रहती है।
अस्वीकरण (Disclaimer): the4thpillar.live के पाठकों के लिए प्रस्तुत यह पंचांग और मुहूर्त संबंधी विवरण हिंदू वैदिक कैलेंडर, ज्योतिषीय गणनाओं और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। स्थान और अक्षांश के भेद के कारण सूर्योदय, सूर्यास्त और विभिन्न मुहूर्तों के समय में कुछ मिनटों का अंतर आ सकता है। किसी भी बड़े मांगलिक कार्य या कलश स्थापना से पहले अपने स्थानीय पुरोहित या ज्योतिषाचार्य से व्यक्तिगत रूप से परामर्श अवश्य लें। the4thpillar.live इस जानकारी की पूर्ण शुद्धता और इसके व्यावहारिक प्रभावों की नैतिक अथवा कानूनी जिम्मेदारी नहीं लेता है।



