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​छत्तीसगढ़ में मानसून का ‘मिश्रित मिजाज’: सारंगढ़-बिलाईगढ़ में रिकॉर्ड तोड़ वर्षा, सुकमा-सरगुजा में अब भी अच्छी झड़ी का इंतजार

राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के आंकड़े: राज्य में अब तक 256 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज, सरगुजा में केवल 65 प्रतिशत ही गिरे बदरा।







रायपुर। छत्तीसगढ़ में दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार में भारी असमानता देखने को मिल रही है। राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से 10 जुलाई 2026 तक प्रदेश में औसतन कुल 256.0 मिलीमीटर (मि.मी.) वर्षा दर्ज की जा चुकी है। यह आंकड़ा इस अवधि की सामान्य औसत वर्षा (287.4 मि.मी.) का 89.1 प्रतिशत है। वहीं, आज (10 जुलाई) राज्य में औसतन 7.0 मि.मी. बारिश रिकॉर्ड की गई। मौसम के इस दौर में जहां कुछ जिलों में उम्मीद से दोगुनी बारिश हो चुकी है, वहीं कई जिलों को अब भी भारी बरसात की दरकार है।

​सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला बारिश के मामले में प्रदेश में शीर्ष पर चल रहा है। यहाँ अब तक 465.3 मि.मी. बारिश हो चुकी है, जो इसकी सामान्य औसत वर्षा (233.9 मि.मी.) का रिकॉर्ड 198.9% है। इसके अलावा बलरामपुर (132.2%), सक्ती (123.1%), दंतेवाड़ा (119.9%), और रायपुर (118.3%) में भी सामान्य से काफी अधिक वर्षा दर्ज की गई है, जिससे इन क्षेत्रों के जलाशयों और खेतों में भरपूर पानी जमा हो चुका है।

​दूसरी तरफ, दक्षिण छत्तीसगढ़ और कुछ अन्य हिस्सों में मानसून की बेरुखी साफ नजर आ रही है। सुकमा जिले में अब तक के औसत (429.6 मि.मी.) के मुकाबले महज 220.6 मि.मी. यानी सिर्फ 51.4% ही पानी गिरा है। इसी तरह मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में अब तक केवल 54.7% बारिश ही दर्ज की गई है, जिसने कृषि क्षेत्र की चिंता बढ़ा दी है।

प्रदेश के विभिन्न संभागों और प्रमुख शहरों में मानसून का उतार-चढ़ाव साफ देखा जा सकता है। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला 465.3 मि.मी. कुल वर्षा और सामान्य औसत के 198.9 प्रतिशत के साथ रिकॉर्ड तोड़ बढ़त बनाए हुए है। वहीं राजधानी रायपुर में आज भले ही मौसम साफ रहा और शून्य मि.मी. बारिश दर्ज हुई, लेकिन जिला 296.9 मि.मी. कुल वर्षा के साथ अपने सामान्य कोटे को पार कर 118.3 प्रतिशत पर सुरक्षित है। दुर्ग जिले में आज 3.2 मि.मी. की हल्की बौछारें पड़ीं, जिससे यहाँ कुल वर्षा 281.4 मि.मी. (111.4%) हो गई है जो सामान्य से अधिक है।

​इसके विपरीत, बिलासपुर और बस्तर संभाग में मानसून की रफ्तार थोड़ी धीमी है; बिलासपुर में आज 5.5 मि.मी. और बस्तर में 8.1 मि.मी. बारिश दर्ज की गई, जिसके बाद दोनों जिले क्रमशः 79.1 प्रतिशत और 78.4 प्रतिशत ग्राफ के साथ अच्छी झड़ी के इंतजार में हैं। जशपुर में आज 17.4 मि.मी. की झमाझम बारिश से स्थिति में सुधार हुआ है और यहाँ कुल आंकड़ा 227.9 मि.मी. (76.6%) पहुंच गया है। वहीं, सरगुजा संभाग में आज 7.2 मि.मी. पानी गिरने के बावजूद कुल वर्षा का ग्राफ महज 136.5 मि.मी. तक ही आ पाया है, जो सामान्य औसत का सिर्फ 65 प्रतिशत है और यहाँ भारी कमी बनी हुई है।

राजधानी रायपुर में आज मौसम साफ रहा और बादलों ने ‘शून्य’ का आंकड़ा दिखाया, इसके बावजूद जिला 118.3% की शानदार बढ़त के साथ मजबूत स्थिति में है। वहीं सरगुजा संभाग में आज हल्की बारिश (7.2 मि.मी.) के बाद भी कुल वर्षा का आंकड़ा महज 136.5 मि.मी. तक ही पहुंच पाया है, जो सामान्य से 35% कम है। न्यायधानी बिलासपुर और आदिवासी अंचल बस्तर में भी ग्राफ क्रमशः 79.1% और 78.4% के आसपास मंडरा रहा है, जिससे आने वाले दिनों में अच्छी बारिश की उम्मीद जताई जा रही है।

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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