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IIM रायपुर से मुफ्त MBA के साथ मिलेंगे हर महीने 50 हजार रुपये, मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप योजना के लिए आवेदन शुरू

छत्तीसगढ़ सरकार और आईआईएम रायपुर के साझा प्रयास से शुरू हुई मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप योजना के तहत राज्य के मेधावी छात्रों को पब्लिक पॉलिसी एंड गवर्नेंस में दो साल का मुफ्त एमबीए करने का ऐतिहासिक अवसर मिल रहा है, जिसमें चयनित छात्रों की पूरी ट्यूशन फीस सरकार वहन करेगी और साथ ही उन्हें 50,000 रुपये प्रति माह का वजीफा भी दिया जाएगा।







रायपुर, 05 जुलाई 2026: छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए उच्च शिक्षा और प्रशासनिक क्षेत्र में करियर बनाने का एक बेहद शानदार और अभूतपूर्व अवसर सामने आया है। राज्य की विष्णु देव साय सरकार ने युवाओं के उज्ज्वल भविष्य और प्रदेश के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने के लिए एक बेहद महत्वाकांक्षी कदम उठाया है। सरकार ने आईआईएम रायपुर के साथ मिलकर मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप योजना की शुरुआत की है।

इस योजना के अंतर्गत प्रदेश के होनहार और योग्य छात्रों को देश के प्रतिष्ठित प्रबंधन संस्थान, भारतीय प्रबंधन संस्थान रायपुर से दो वर्षीय एमबीए इन पब्लिक पॉलिसी एंड गवर्नेंस कोर्स करने का मौका मिल रहा है। सबसे खास बात यह है कि इस पढ़ाई का पूरा खर्च छत्तीसगढ़ सरकार उठाएगी और इसके साथ ही छात्रों को आत्मनिर्भर बनाए रखने के लिए हर महीने 50,000 रुपये की भारी-भरकम राशि स्टाइपेंड के रूप में दी जाएगी।

मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप योजना का मुख्य उद्देश्य

इस अभिनव योजना की शुरुआत करने का मुख्य उद्देश्य राज्य के पढ़े-लिखे और प्रतिभावान युवाओं को सीधे सरकार के काम-काज, सुशासन और नीति निर्माण की प्रक्रियाओं से जोड़ना है। इस कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं में प्रशासनिक दक्षता और नीतिगत विशेषज्ञता का विकास होगा।

इस फेलोशिप के दौरान छात्रों को सिर्फ क्लासरूम तक ही सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के साथ नियमित रूप से संवाद करने और सीधे अपने प्रोजेक्ट्स को प्रस्तुत करने का बेहतरीन अवसर मिलेगा। युवा प्रोफेशनल्स सरकार के सुशासन और नीतियों को जमीनी स्तर पर लागू करवाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे, जिससे राज्य के विकास को एक नई गति मिलेगी।

योजना की प्रमुख विशेषताएं और मिलने वाले लाभ

इस फेलोशिप कार्यक्रम को विशेष रूप से डिजाइन किया गया है ताकि चयनित अभ्यर्थियों को बेहतरीन अकादमिक ज्ञान के साथ-साथ जमीनी स्तर का प्रशासनिक अनुभव भी प्राप्त हो सके। योजना की प्रमुख विशेषताएं कुछ इस प्रकार हैं:

इसके तहत चयनित छात्रों को दो साल के लिए आईआईएम रायपुर द्वारा संचालित विशेष पाठ्यक्रम एमबीए इन पब्लिक पॉलिसी एंड गवर्नेंस की डिग्री दी जाएगी।

चयनित होने वाले सभी छात्र-छात्राओं की पूरी ट्यूशन फीस छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा सीधे संस्थान को भुगतान की जाएगी, यानी छात्रों के लिए यह पढ़ाई पूरी तरह से निशुल्क होगी।

पढ़ाई और फील्ड वर्क के दौरान होने वाले खर्चों को पूरा करने और शोध को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक फेलो को हर महीने 50,000 रुपये का वजीफा दिया जाएगा।

छात्रों को राज्य के विभिन्न सरकारी विभागों, नीति निर्माण इकाइयों और जिला कलेक्टरेट जैसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्यालयों में सीधे इंटर्नशिप और लाइव प्रोजेक्ट्स पर काम करने का प्रैक्टिकल एक्सपोजर मिलेगा।

यह कोर्स देश के शीर्ष प्रबंधन विशेषज्ञों, जैसे कार्यक्रम निदेशक प्रोफेसर गोपाल कुमार और प्रोफेसर शबना पी के मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है, जो छात्रों को पब्लिक पॉलिसी रोल्स के लिए पूरी तरह तैयार करेगा।

फेलोशिप के लिए आवश्यक शैक्षणिक और अन्य पात्रता

इस योजना का लाभ उठाने के लिए सरकार और आईआईएम रायपुर ने कुछ कड़े और स्पष्ट नियम व मापदंड तय किए हैं, जिन्हें पूरा करने वाले अभ्यर्थी ही आवेदन के पात्र होंगे:

आवेदक का भारत का नागरिक होने के साथ-साथ छत्तीसगढ़ का मूल निवासी होना अनिवार्य है और उसके पास राज्य का वैध डोमिसाइल प्रमाण पत्र होना चाहिए।

उम्मीदवार की अधिकतम आयु आवेदन करने की अंतिम तिथि तक 35 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।

अभ्यर्थियों के पास वर्ष 2023, 2024 या 2025 का वैध कैट स्कोर कार्ड होना आवश्यक है। यदि किसी छात्र के पास एक से अधिक वर्षों का कैट स्कोर है, तो उच्चतम स्कोर को मान्यता दी जाएगी।

किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री में कम से कम 60 प्रतिशत अंक होना अनिवार्य है। छत्तीसगढ़ राज्य के नियमों के तहत आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के लिए स्नातक में न्यूनतम 55 प्रतिशत अंकों की छूट दी गई है।

यदि किसी आवेदक के पास सामान्य स्नातक की डिग्री नहीं है, तो उसने न्यूनतम 50 प्रतिशत अंकों के साथ सीए, सीएमए या सीएस की व्यावसायिक परीक्षा उत्तीर्ण की हो।

चयन प्रक्रिया और प्रवेश के मापदंड

मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप योजना में चयन पूरी तरह से योग्यता और पारदर्शिता के आधार पर किया जाएगा। इसके लिए आईआईएम रायपुर द्वारा एक त्रिस्तरीय चयन प्रक्रिया अपनाई जाएगी:

सबसे पहले प्राप्त आवेदनों में से उम्मीदवारों के स्नातक के अंकों और उनके कैट स्कोर के आधार पर एक प्रारंभिक शॉर्टलिस्ट तैयार की जाएगी।

शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों को अगले चरण के लिए आमंत्रित किया जाएगा, जिसमें ग्रुप डिस्कशन और पर्सनल इंटरव्यू का आयोजन किया जाएगा।

इंटरव्यू और शैक्षणिक क्रेडेंशियल्स के संयुक्त मूल्यांकन के आधार पर अंतिम मेरिट सूची तैयार होगी और चयनित छात्रों को प्रवेश के लिए आधिकारिक ऑफर लेटर जारी किए जाएंगे। सीटों का आवंटन पूरी तरह से छत्तीसगढ़ सरकार की प्रचलित आरक्षण नीति के अनुसार होगा।

महत्वपूर्ण दस्तावेज जिनकी होगी आवश्यकता

ऑनलाइन आवेदन करते समय उम्मीदवारों को निम्नलिखित दस्तावेजों की स्कैन कॉपी पोर्टल पर अपलोड करनी होगी, इसलिए आवेदन से पहले इन्हें तैयार रखें:

छत्तीसगढ़ राज्य का मूल निवास प्रमाण पत्र

वैध कैट परीक्षा का स्कोर कार्ड

जाति प्रमाण पत्र (केवल आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के लिए)

स्नातक की डिग्री और सभी सेमेस्टर की मार्कशीट या फिर सीए, सीएस, सीएमए का सर्टिफिकेट

10वीं और 12वीं कक्षा की मार्कशीट तथा सर्टिफिकेट

हाल ही में खींची गई पासपोर्ट साइज फोटो

आवेदक के डिजिटल हस्ताक्षर

आवेदन करने की पूरी प्रक्रिया की जानकारी

योग्य उम्मीदवार आईआईएम रायपुर की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर बेहद आसान चरणों में अपना ऑनलाइन फॉर्म जमा कर सकते हैं:

प्रथम चरण के तहत सबसे पहले उम्मीदवारों को आईआईएम रायपुर के आधिकारिक पोर्टल पर जाना होगा। होम पेज पर दिए गए प्रोग्राम्स टैब के भीतर एमबीए इन पब्लिक पॉलिसी एंड गवर्नेंस विकल्प को चुनना होगा। इसके बाद अप्लाई ऑनलाइन पर क्लिक कर न्यू रजिस्ट्रेशन के विकल्प पर जाएं और अपना नाम, ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर दर्ज कर एक सुरक्षित पासवर्ड बना लें।

द्वितीय चरण के तहत पंजीकरण पूरा होने के बाद उम्मीदवार को अपनी पंजीकृत ईमेल आईडी और पासवर्ड की मदद से पोर्टल पर दोबारा लॉगिन करना होगा। आवेदन फॉर्म चार अलग-अलग भागों में विभाजित है।

पहले भाग में अपनी व्यक्तिगत जानकारी, दूसरे भाग में पूरी शैक्षणिक योग्यता, तीसरे भाग में यदि कोई व्यावसायिक या कार्य अनुभव है तो उसकी जानकारी और चौथे भाग में बैंक विवरण दर्ज करना होगा। इसके बाद सभी आवश्यक दस्तावेजों को अपलोड कर फॉर्म को फाइनल सबमिट करना होगा।

योजना से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल और उनके जवाब

यह योजना किस राज्य के विद्यार्थियों के लिए लागू है? यह योजना पूरी तरह से केवल छत्तीसगढ़ के स्थायी और मूल निवासियों के लिए ही है, बाहरी राज्यों के छात्र इसके लिए पात्र नहीं हैं।

क्या इस कोर्स के लिए कोई फीस देनी होगी? जी नहीं, इस विशेष फेलोशिप योजना के तहत चयनित सभी विद्यार्थियों की पूरी पढ़ाई का खर्च और ट्यूशन फीस सीधे छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा उठाई जाएगी।

इस योजना के तहत मिलने वाला मासिक वजीफा कितना है? योजना के अंतर्गत प्रत्येक चयनित फेलो को कोर्स की अवधि के दौरान प्रति माह 50,000 रुपये का वित्तीय वजीफा प्रदान किया जाएगा।

क्या बिना कैट परीक्षा के इस योजना में प्रवेश मिल सकता है? नहीं, इस फेलोशिप सह एमबीए कार्यक्रम में प्रवेश के लिए उम्मीदवार के पास वर्ष 2023, 2024 या 2025 में से किसी भी एक वर्ष का वैध कैट स्कोर होना अनिवार्य शर्त है।

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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