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चार्ल्स शोभराज से तिहाड़ जेल में सीखी जालसाजी की कला, देश के 10 राज्यों के 300 पांच सितारा होटलों को चूना लगाने वाला 69 वर्षीय महाठग बिंगसन जान भुवनेश्वर से गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर की तेलीबांधा थाना पुलिस ने देश के सबसे शातिर और कुख्यात होटल ठगों में शुमार 69 वर्षीय बिंगसन जान को ओडिशा के भुवनेश्वर से गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी ने रायपुर के आलीशान होटल हयात को 2.12 लाख रुपये की चपत लगाई थी। तिहाड़ जेल में कुख्यात बिकनी किलर चार्ल्स शोभराज के संपर्क में आने के बाद ठगी को अपना पेशा बनाने वाले इस बुजुर्ग ठग ने देश के 10 राज्यों के 300 से अधिक पांच सितारा होटलों को अपना शिकार बनाया है और अपनी जिंदगी के 15 साल से अधिक का समय विभिन्न जेलों में काटा है।







रायपुर, 3 जुलाई 2026: छत्तीसगढ़ की न्यायधानी और राजधानी की पुलिस ने अंतरराज्यीय स्तर पर पांच सितारा होटलों को अपना शिकार बनाने वाले एक ऐसे हाई-प्रोफाइल और बेहद शातिर महाठग को दबोचने में कामयाबी हासिल की है, जिसके अपराध की दास्तान किसी सस्पेंस-थ्रिलर फिल्मी पटकथा को भी पीछे छोड़ देती है।

रायपुर की तेलीबांधा थाना पुलिस और सायबर सेल की संयुक्त टीम ने तकनीकी कड़ियों का पीछा करते हुए ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में दबिश देकर 69 वर्षीय कुख्यात ठग बिंगसन जान को गिरफ्तार कर लिया है। तमिलनाडु का मूल निवासी यह बुजुर्ग ठग पिछले साढ़े तीन दशकों से देश के आलीशान होटलों के प्रबंधकों की आंखों में धूल झोंककर एश-ओ-आराम की जिंदगी जी रहा था।

गिरफ्तारी के बाद पुलिस अभिरक्षा में पूछताछ के दौरान आरोपी बिंगसन जान ने जो खुलासे किए, उसने अनुभवी पुलिस अधिकारियों को भी हैरान कर दिया। आरोपी ने खुद बेहद बेबाकी से स्वीकार किया है कि उसकी जिंदगी पिछले 36 वर्षों से केवल दो ही जगहों के बीच घूमती रही है, पहला देश की बेहद सुरक्षित मानी जाने वाली जेलें और दूसरा देश के सबसे महंगे फाइव स्टार होटल्स।

जेल की सलाखों से पैर बाहर निकालते ही वह सीधे किसी नए राज्य के आलीशान होटल को अपना अगला ठिकाना बनाता था और वहां हजारों-लाखों का बिल बनाकर बिना चुकाए रफूचक्कर हो जाता था।

तिहाड़ जेल में रची गई थी अपराध के सबसे शातिर अध्याय की पटकथा

पुलिस जांच और आरोपी के आपराधिक इतिहास के विश्लेषण से यह बेहद सनसनीखेज तथ्य सामने आया है कि बिंगसन जान वर्ष 1990 से ही देश के अलग-अलग कोनों में ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहा था। लेकिन उसके अपराध करने के तौर-तरीकों में सबसे बड़ा और खतरनाक यू-टर्न वर्ष 1996 में आया।

यह वह दौर था जब बिंगसन जान दिल्ली की कुख्यात तिहाड़ जेल में बंद था। उसी दौरान तिहाड़ जेल में अंतरराष्ट्रीय स्तर का फ्रांसीसी सीरियल किलर और महाठग चार्ल्स शोभराज भी अपनी सजा काट रहा था।

जेल के भीतर बिंगसन जान की मुलाकात चार्ल्स शोभराज से हुई और वह उसके बात करने के सलीके, शातिर दिमाग और वीआईपी स्टाइल से बुरी तरह प्रभावित हो गया। शोभराज के संपर्क में रहकर बिंगसन ने सीखा कि कैसे बिना किसी हिंसा के केवल अंग्रेजी भाषा, कॉपोरेट लुक और ऊंचे संपर्कों का ढोंग रचकर रसूखदार प्रशासनिक अमले और बड़े होटलों के प्रबंधन को सम्मोहित किया जा सकता है।

तिहाड़ से रिहा होने के बाद बिंगसन जान ने पूरी तरह से अपना हुलिया और बात करने का तरीका बदल लिया और खुद को एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का वीआईपी नागरिक दिखाकर ठगी का राष्ट्रव्यापी जाल बिछा दिया।

विदेशी गाइड और योगा टीचर बनकर लेता था लग्जरी होटलों में एंट्री

बिंगसन जान के अपराध करने का तरीका यानी मोडस ऑपेरंडी बेहद अनूठा और अभेद्य था। वह अंग्रेजी भाषा पर अपनी मजबूत पकड़ और अपनी ढलती उम्र का फायदा उठाकर खुद को विदेशी पर्यटकों का प्रतिष्ठित ट्रैवल गाइड, नामी इंग्लिश प्रोफेसर या फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर का योगा टीचर बताता था। वह हमेशा बेहद महंगे और ब्रांडेड कपड़े पहनकर, हाथ में चमचमाता हुआ सूटकेस लेकर सीधे पांच सितारा होटलों के फ्रंट डेस्क पर पहुंचता था।

अपनी रसूखदार छवि के दम पर वह आसानी से होटल के सबसे महंगे सुइट या कमरों को बुक करा लेता था। होटल में प्रवेश करने के बाद वह कई दिनों तक वहां के महंगे रेस्टोरेंट, स्पा, बार और अन्य सभी लग्जरी सुविधाओं का जमकर आनंद लेता था।

वह होटल के कर्मचारियों पर इस कदर अपना रोब गालिब करता था कि कोई भी उस पर शक करने की हिम्मत नहीं जुटा पाता था। इसके बाद वह मौका पाकर बिना किसी औपचारिक चेक-आउट प्रक्रिया के और बिना एक भी रुपये का बिल चुकाए चुपचाप होटल परिसर से फरार हो जाता था।

रायपुर के नामी होटल हयात को लगाई दो लाख से ज्यादा की चपत

महाठग बिंगसन जान ने हाल ही में रायपुर के लाभांडी स्थित प्रतिष्ठित पांच सितारा होटल हयात को अपनी ठगी का नया शिकार बनाया था। पुलिस के पास दर्ज कराई गई आधिकारिक शिकायत के अनुसार, आरोपी बिंगसन ने बीते 25 जून को होटल हयात में खुद को एक बड़ा कॉपोरेट क्लाइंट बताकर कमरा किराए पर लिया था। उसने दो दिनों तक होटल की तमाम वीआईपी सेवाओं का लुत्फ उठाया।

इसके बाद 27 जून की सुबह जब होटल का स्टाफ अन्य व्यस्तताओं में लगा हुआ था, आरोपी बिंगसन जान बिना किसी को बताए और बिना चेक-आउट काउंटर पर गए होटल से चुपचाप निकल गया। उसने होटल प्रबंधन का 63,755 रुपये का रूम और फूडिंग बिल पेंडिंग छोड़ दिया।

इतना ही नहीं, उसने रुकने के दौरान अपने कॉपोरेट काम का हवाला देकर होटल प्रबंधन से विशेष अनुरोध पर करीब 1.48 लाख रुपये मूल्य का एक कीमती आधिकारिक लैपटॉप भी किराए पर लिया था, जिसे वह अपने साथ चुराकर ले गया। जब होटल प्रबंधन ने उसके दिए गए नंबरों पर संपर्क किया तो वे बंद मिले, जिसके बाद तेलीबांधा थाने में मामला दर्ज हुआ।

10 राज्यों की पुलिस के लिए सिरदर्द बना रहा बिंगसन, 15 साल का जेल रिकॉर्ड

रायपुर पुलिस की सायबर विंग ने जब देशव्यापी क्रिमिनल डेटाबेस में बिंगसन जान के फिंगरप्रिंट और प्रोफाइल को सर्च किया, तो उसके अपराधों की एक अंतहीन सूची सामने आई। तमिलनाडु का रहने वाला यह शातिर ठग पिछले तीन दशकों में देश के 10 से अधिक राज्यों की पुलिस के लिए एक बड़ा सिरदर्द बना हुआ था।

उसके खिलाफ दिल्ली, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, केरल और गोवा जैसे राज्यों के महानगरों में धोखाधड़ी, जालसाजी और चोरी के सैकड़ों मामले दर्ज हैं।

ठगी का राज्य क्षेत्रशिकार बने होटलों की संख्याअपनाई गई मुख्य पहचानवर्तमान कानूनी स्थिति
दिल्ली व एनसीआर50 से अधिक होटलविदेशी पर्यटकों का ट्रैवल गाइडपूर्व में तिहाड़ जेल में निरुद्ध
महाराष्ट्र (मुंबई/पुणे)40 से अधिक होटलकॉपोरेट बिजनेस कंसलटेंटकई थानों में एफआईआर दर्ज
कर्नाटक व तेलंगाना60 से अधिक होटलइंटरनेशनल योगा इंस्ट्रक्टरवारंट लंबित चल रहे थे
छत्तीसगढ़ (रायपुर)होटल हयात और अन्यइंग्लिश लैंग्वेज टीचररायपुर पुलिस की कस्टडी में
तमिलनाडु (गृह राज्य)70 से अधिक होटलस्थानीय रसूखदार वीआईपी15 साल से अधिक जेल में बिताए

भुवनेश्वर के एक और आलीशान होटल से दबोचा गया शातिर अपराधी

होटल हयात प्रबंधन की लिखित शिकायत पर रायपुर की तेलीबांधा पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की प्रासंगिक धाराओं के तहत जालसाजी और चोरी का अपराध पंजीकृत किया था। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर सायबर सेल की एक विशेष तकनीकी टीम का गठन किया गया। पुलिस ने आरोपी के बंद हो चुके मोबाइल नंबरों के आईएमईआई (IMEI) नंबर को लगातार सर्विलांस पर रखा।

इसी तकनीकी तफ्तीश के दौरान पुलिस को इनपुट मिला कि आरोपी का मोबाइल डिवाइस ओडिशा के भुवनेश्वर रेलवे स्टेशन के पास एक पांच सितारा होटल के दायरे में सक्रिय हुआ है। रायपुर पुलिस की टीम ने बिना एक पल गंवाए ओडिशा पुलिस से संपर्क साधा और भुवनेश्वर के संबंधित होटल में घेराबंदी कर आरोपी बिंगसन जान को उस समय धर दबोचा जब वह वहां भी एक नए वीआईपी नाम से कमरा बुक कराकर ठहरने की तैयारी में था। पुलिस ने उसके पास से होटल हयात से चोरी किया गया कीमती लैपटॉप और वारदात में प्रयुक्त फर्जी दस्तावेज भी बरामद कर लिए हैं, जिसके बाद उसे ट्रांजिट रिमांड पर रायपुर लाया गया है।

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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