रायपुर, 23 जून 2026: छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और आम नागरिकों के मन से अपराधियों का खौफ दूर करने के उद्देश्य से जिला पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी और सामूहिक कार्रवाई को अंजाम दिया है। शनिवार की तड़के सुबह पूरे जिले के शहरी और ग्रामीण थाना क्षेत्रों में एक साथ शुरू हुए इस विशेष धरपकड़ अभियान से अपराधियों और असामाजिक तत्वों में हड़कंप मच गया। पुलिस की दर्जनों विशेष टीमों ने एक ही समय पर सूचीबद्घ चाकूबाजों, आदतन बदमाशों और सट्टा-अवैध शराब के कारोबार से जुड़े संदिग्धों के ठिकानों पर कड़ा धावा बोला।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व में तैयार हुआ सीक्रेट प्लान
जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने और हालिया चाकूबाजी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक यानी एसएसपी रजनेश सिंह ने एक गोपनीय कार्ययोजना तैयार की थी। इस पूरे मैदानी अभियान की कमान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी शहर) पंकज पटेल और संबंधित क्षेत्र के नगर पुलिस अधीक्षकों (सीएसपी) को सौंपी गई थी।
शनिवार की सुबह जैसे ही आदेश जारी हुआ, बिलासपुर के सरकंडा, सिविल लाइन, कोतवाली, तोरवा और चकरभाठा सहित तमाम थानों का बल भारी संख्या में सड़कों पर उतरा। पुलिस की इस अचानक हुई घेराबंदी के कारण अपराधियों को छिपने या भागने का कोई मौका नहीं मिल सका। पुलिस टीमों ने सीधे बदमाशों के घरों के भीतर घुसकर गहन तलाशी ली और संदिग्ध धारदार हथियारों की जांच की।
85 आदतन अपराधी हिरासत में, रिकॉर्ड का हुआ लाइव सत्यापन
एएसपी पंकज पटेल ने इस व्यापक कार्रवाई के संबंध में आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि एसएसपी रजनेश सिंह के कड़े निर्देशों के बाद ही यह जिला स्तरीय जिला-बदर और धरपकड़ अभियान चलाया गया है। इस औचक चेकिंग और दबिश के दौरान पुलिस की अलग-अलग टीमों ने कुल 85 व्यक्तियों को उनके घरों और संदिग्ध अड्डों से सीधे हिरासत में लिया।
इन सभी पकड़े गए आरोपियों को संबंधित थानों में लाकर कड़ाई से पूछताछ की गई। पुलिस के तकनीकी विंग और थानों के पुराने रिकॉर्ड रूम के माध्यम से इन सभी के आपराधिक इतिहास, वर्तमान गतिविधियों, उनकी आजीविका के साधनों और वे वर्तमान में किस क्षेत्र में सक्रिय हैं, इसका गहनता से सत्यापन (वेरिफिकेशन) किया गया।
25 गंभीर बदमाश भेजे गए जेल, 56 पर प्रतिबंधात्मक डंडा
पुलिस की इस व्यापक पड़ताल में जिन 85 लोगों को थाने लाया गया था, उनमें से कई ऐसे शातिर बदमाश निकले जो किसी न किसी पुराने मामले में फरार चल रहे थे या लगातार क्षेत्र में दोबारा गुंडागर्दी और डराने-धमकाने का नेटवर्क सक्रिय कर रहे थे। पुलिस ने इनके खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए कार्रवाई की:
- 25 आदतन बदमाशों को तत्काल गिरफ्तार कर सीधे जेल भेज दिया गया।
- 56 अन्य संदिग्धों के खिलाफ भविष्य में अपराध न करने के लिए कड़ी प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई।
बचे हुए अन्य लोगों को सख्त हिदायत और बांड भरवाने के बाद उनके परिजनों की मौजूदगी में चेतावनी देकर छोड़ा गया कि यदि उनकी संलिप्तता किसी भी संदिग्ध गतिविधि में पाई गई, तो सीधे रासुका (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) या जिला बदर की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
एसएसपी रजनेश सिंह ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि बिलासपुर शहर और पूरे जिले के भीतर किसी भी प्रकार की चाकूबाजी, सार्वजनिक स्थानों पर नशाखोरी, तलवार लहराकर दहशत फैलाना या मोहल्लों में गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुलिस का यह विशेष चेकिंग अभियान आने वाले दिनों में भी लगातार और अधिक आक्रामक रूप से जारी रहेगा ताकि आम जनता स्वयं को पूरी तरह सुरक्षित महसूस कर सके।