सनातन रक्षा दल की कमान पल्लवी मनु देवगौड़ा के हाथों में, धर्म और संस्कृति के संरक्षण का लिया संकल्प
पल्लवी मनु देवगौड़ा बनीं सनातन रक्षा दल की प्रदेश अध्यक्ष, बोली-अंतिम श्वास तक धर्म की सेवा ही मेरे जीवन का सर्वोच्च लक्ष्य

रायपुर । छत्तीसगढ़ में सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति और पौराणिक मूल्यों के संरक्षण की दिशा में ‘सनातन रक्षा दल’ ने एक बड़ा संगठनात्मक निर्णय लिया है। संगठन के राष्ट्रीय नेतृत्व ने ऊर्जावान और प्रखर व्यक्तित्व की धनी पल्लवी मनु देवगौड़ा को छत्तीसगढ़ का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। इस घोषणा के बाद से ही प्रदेश के धार्मिक हलकों और युवाओं के बीच हर्ष की लहर है।
युवा नेतृत्व से जगेगी नई चेतना
सनातन रक्षा दल, जो लंबे समय से पूरे भारत में संस्कारों के पुनरुद्धार और युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने के लिए कार्यरत है, अब छत्तीसगढ़ में पल्लवी मनु देवगौड़ा के नेतृत्व में अपनी पैठ मजबूत करेगा। संगठन का मानना है कि आधुनिकता के इस दौर में जहाँ युवा अपनी संस्कृति से दूर हो रहे हैं, वहाँ पल्लवी जैसा जुझारू नेतृत्व उन्हें पुनः वास्तविक धर्म और नैतिकता के मार्ग पर लाने में सफल होगा।
अंतिम श्वास तक धर्म की सेवा: पल्लवी मनु देवगौड़ा
पदभार ग्रहण करने के पश्चात पल्लवी मनु देवगौड़ा ने अपने संकल्प को दोहराते हुए एक भावुक और ओजस्वी संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि मुझ पर जो विश्वास केंद्रीय नेतृत्व ने जताया है, मैं उसे अपनी भक्ति और निष्ठा से पूर्ण करूंगी। सनातन धर्म की रक्षा मेरे लिए केवल एक पद या जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह मेरे जीवन का सर्वोच्च लक्ष्य है। मैं अपने जीवन के अंतिम क्षण और अंतिम श्वास तक धर्म और संस्कृति की वास्तविक सेवा के लिए समर्पित रहूंगी।
पाखंड और अराजकता के विरुद्ध शंखनाद
पल्लवी मनु देवगौड़ा ने अपने संबोधन में कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि उनकी प्राथमिकता धार्मिकता के नाम पर समाज में फैल रहे अंधविश्वास का नाश करना है। उन्होंने कहा कि धर्म विवेक और ज्ञान का मार्ग है, न कि अंधकार का। इसके साथ ही उन्होंने संकल्प लिया कि धर्म के नाम पर स्वकेंद्रित तथाकथित अराजकता और अनुचित दबाव बनाने वाली ताकतों को रोकना उनके ध्येय में शामिल है। वे चाहती हैं कि धर्म का स्वरूप शुद्ध और लोक-कल्याणकारी बना रहे, न कि किसी के निजी हितों का साधन।
आगामी कार्ययोजना: जिलों का दौरा और सशक्त टीम का निर्माण
अपनी भविष्य की रणनीतियों पर प्रकाश डालते हुए नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष पल्लवी मनु देवगौड़ा ने स्पष्ट किया कि उनका लक्ष्य केवल धार्मिक आयोजनों तक सीमित नहीं है, बल्कि वे एक व्यापक सामाजिक परिवर्तन की पक्षधर हैं। उनकी प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर संगठन का विस्तार है, जिसके लिए वे शीघ्र ही प्रदेश के सभी जिलों का सघन दौरा कर जमीनी स्तर पर समर्पित कार्यकर्ताओं को जोड़ने का कार्य करेंगी। इसके साथ ही, उनका विशेष जोर युवा सशक्तिकरण पर है, जिसके तहत वे युवाओं की एक ऐसी ‘धर्म रक्षक’ टीम तैयार करना चाहती हैं जो समाज में सकारात्मक, सामाजिक और वैचारिक चेतना जागृत करने का उत्तरदायित्व संभाले। पल्लवी का मानना है कि वर्तमान समय में संस्कारों का बीजारोपण और पाखंड से मुक्ति अत्यंत आवश्यक है, इसीलिए उनका संगठन समाज में नैतिक मूल्यों, पारंपरिक संस्कारों और आपसी सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के लिए निरंतर सक्रिय रहेगा।
इस नियुक्ति पर छत्तीसगढ़ के विभिन्न धार्मिक संगठनों, प्रबुद्ध नागरिक समाज और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रसन्नता व्यक्त की है। गणमान्य नागरिकों का मानना है कि उनके नेतृत्व में सनातन रक्षा दल राज्य में एक नई ऊर्जा के साथ उभरेगा और सांस्कृतिक गौरव को पुनर्स्थापित करने में मील का पत्थर साबित होगा।



