साय कैबिनेट के बड़े फैसले: राजनीतिक आंदोलनों से जुड़े 13 मामले होंगे वापस, धर्म स्वातंत्र्य विधेयक सहित कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी

नवा रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। राजनीतिक आंदोलनों से जुड़े 13 प्रकरण न्यायालय से वापस लेने को मंजूरी, धर्मांतरण रोकने के लिए धर्म स्वातंत्र्य विधेयक को स्वीकृति, भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता के लिए कर्मचारी चयन मंडल गठन का फैसला।





रायपुर, 11 मार्च। छत्तीसगढ़ सरकार की अहम मंत्रिपरिषद बैठक नवा रायपुर स्थित नवीन विधानसभा परिसर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस बैठक में राज्य सरकार ने प्रशासनिक सुधार, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और विभिन्न विकास योजनाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए।

बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने मीडिया को दी। उन्होंने बताया कि मंत्रिपरिषद ने राजनीतिक आंदोलनों से संबंधित 13 प्रकरणों को न्यायालय से वापस लेने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह प्रस्ताव मंत्रिपरिषद की उप-समिति की अनुशंसा के आधार पर स्वीकृत किया गया है।


राजनीतिक आंदोलनों से जुड़े 13 मामलों को वापस लेने का निर्णय

मंत्रिपरिषद की बैठक में उन प्रकरणों की समीक्षा की गई जो पूरी तरह राजनीतिक आंदोलनों से जुड़े हुए थे। इन मामलों को वापस लेने के लिए गठित मंत्रिपरिषद की उप-समिति ने 13 मामलों को वापस लेने की अनुशंसा की थी।

कैबिनेट ने इस अनुशंसा को स्वीकार करते हुए संबंधित प्रकरणों को न्यायालय से वापस लेने का अनुमोदन दिया है। सरकार का मानना है कि इस निर्णय से राजनीतिक गतिविधियों से जुड़े मामलों के समाधान में सहूलियत मिलेगी और अनावश्यक कानूनी विवाद समाप्त होंगे।


धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 को कैबिनेट की मंजूरी

बैठक में छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 के प्रारूप को भी मंजूरी दी गई। इस विधेयक का उद्देश्य राज्य में जबरन, प्रलोभन, कपटपूर्ण नीति, अनुचित प्रभाव या मिथ्या निरूपण के माध्यम से किए जाने वाले धर्मांतरण पर प्रभावी रोक लगाना है।

सरकार इस विधेयक को विधानसभा के मौजूदा सत्र में पेश करने की तैयारी कर रही है। विधेयक पारित होने के बाद धर्म परिवर्तन से जुड़े मामलों के लिए स्पष्ट कानूनी प्रावधान लागू होंगे।


भर्ती प्रक्रिया में सुधार के लिए बनेगा कर्मचारी चयन मंडल

मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल विधेयक 2026 के प्रारूप को भी मंजूरी दी गई। इसके तहत राज्य शासन के विभिन्न विभागों में तकनीकी और गैर-तकनीकी तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती के लिए एक स्वतंत्र चयन मंडल का गठन किया जाएगा।

यह मंडल विभिन्न पदों के लिए परीक्षाओं का आयोजन करेगा और उम्मीदवारों का चयन करेगा। सरकार का मानना है कि इस नई व्यवस्था से भर्ती प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और प्रभावी बनेगी।


भर्ती परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए आएगा नया कानून

मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम विधेयक 2026 के प्रारूप को भी मंजूरी दी है। इस विधेयक का उद्देश्य भर्ती परीक्षाओं में नकल, पेपर लीक और अन्य अनुचित गतिविधियों पर सख्त नियंत्रण स्थापित करना है।

सरकार का कहना है कि इस कानून के लागू होने से परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ेगी तथा युवाओं को निष्पक्ष प्रतियोगिता का अवसर मिलेगा।


नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए अनुदान को मंजूरी

कैबिनेट ने अपारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर आधारित परियोजनाओं के लिए अनुदान दरों को निर्धारित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है।

क्रेडा द्वारा सोलर हाईमास्ट संयंत्र के लिए वर्ष 2024-25 और 2025-26 में 1 लाख 50 हजार रुपये का राज्य अनुदान दिया जाएगा। वर्ष 2026-27 और आगामी वर्षों के लिए निविदा दर का 30 प्रतिशत अथवा अधिकतम 1 लाख 50 हजार रुपये, जो भी कम होगा, अनुदान के रूप में दिया जाएगा।

इसी प्रकार घरेलू बायोगैस संयंत्रों के लिए वर्ष 2024-25 और 2025-26 में न्यूनतम 2 से 6 घन मीटर क्षमता तक 9 हजार रुपये प्रति संयंत्र का अनुदान दिया जाएगा। वर्ष 2026-27 और इसके बाद सभी क्षमताओं के संयंत्रों के लिए भी 9 हजार रुपये प्रति संयंत्र की सहायता प्रस्तावित है।


उपकर और विकास से जुड़े कई संशोधन विधेयकों को मंजूरी

मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ उपकर संशोधन विधेयक 2026 के प्रारूप को भी मंजूरी दी है। इसके तहत पंजीयन पर लगने वाला अतिरिक्त उपकर शुल्क समाप्त किया जाएगा। यह उपकर वर्ष 2023 में राजीव गांधी मितान क्लब योजना के वित्त पोषण के लिए लगाया गया था, जो अब संचालित नहीं है।

इसके अलावा छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश संशोधन विधेयक 2026 तथा छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल अधिनियम 1972 में संशोधन के प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने मंजूरी प्रदान की है।

साथ ही छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 40, 50 और 59 में संशोधन के लिए विधेयक के प्रारूप को भी स्वीकृति दी गई है।


राजनांदगांव में बनेगी आधुनिक क्रिकेट अकादमी

मंत्रिपरिषद ने खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राजनांदगांव जिला क्रिकेट एसोसिएशन को पांच एकड़ राजकीय भूमि आवंटित करने का निर्णय भी लिया है।

इस भूमि पर अत्याधुनिक क्रिकेट मैदान और क्रिकेट अकादमी का निर्माण किया जाएगा, जिससे प्रदेश के युवा खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और खेल सुविधाएं मिल सकेंगी।


प्रशासनिक सुधार और विकास को लेकर सरकार की प्राथमिकता

राज्य सरकार का कहना है कि कैबिनेट में लिए गए ये निर्णय प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाने, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने और विकास योजनाओं को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

विशेष रूप से भर्ती प्रणाली में सुधार, ऊर्जा परियोजनाओं को बढ़ावा और कानून व्यवस्था से जुड़े फैसलों को प्रदेश के दीर्घकालिक विकास से जोड़ा जा रहा है।

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button