संकटमोचन हनुमान मंदिर में भव्य ‘होली मिलन’ संपन्न:समाजसेवी कुबेर राठी ने दीं शुभकामनाएँ,बोले-भक्त प्रह्लाद की श्रद्धा और प्रभु हनुमान की सेवा भाव का प्रतीक है होली
भक्ति के रंगों में सराबोर हुआ नर्मदापारा,सर्वधर्म संकटमोचन हनुमान मंदिर में भव्य होली मिलन।

रायपुर । राजधानी के स्टेशन रोड, नर्मदापारा स्थित सर्वधर्म संकटमोचन हनुमान मंदिर के प्रांगण में होली का पावन पर्व केवल एक उत्सव के रूप में नहीं, बल्कि श्रद्धा, समरसता और सांस्कृतिक गरिमा के जीवंत संगम के रूप में मनाया गया। मंदिर समिति द्वारा आयोजित इस विशेष ‘होली मिलन समारोह’ में सनातन परंपराओं का निर्वहन करते हुए समाज में प्रेम, सद्भाव और भाईचारे की अलख जगाई गई।

इस मांगलिक अवसर पर कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य रूप से उपस्थित समिति के संरक्षक एवं सुप्रसिद्ध समाजसेवी कुबेर राठी ने पवनपुत्र हनुमान जी के श्रीचरणों में विधि-विधान से वंदन और आरती कर किया। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर ‘जय श्री राम’ और ‘बजरंग बली’ के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। इसके पश्चात समाजसेवी राठी ने उपस्थित श्रद्धालुओं, मंदिर समिति के पदाधिकारियों और क्षेत्रीय नागरिकों को तिलक स्वरूप गुलाल लगाकर आत्मीय शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

समाजसेवी कुबेर राठी ने होली के आध्यात्मिक और पौराणिक संदर्भों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि होली का यह रंगोत्सव केवल रंगों का खेल मात्र नहीं है, बल्कि यह भक्त प्रह्लाद की उस अटूट श्रद्धा का प्रतीक है, जिसने अहंकार की भीषण अग्नि को भी प्रभु भक्ति से शीतलता में बदल दिया था। जिस प्रकार प्रभु हनुमान ने अपनी निस्वार्थ सेवा और समर्पण से मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम का हृदय जीत लिया, उसी प्रकार हमें भी समाज से ऊंच-नीच और भेदभाव मिटाकर सेवा और प्रेम का रंग घोलना चाहिए। यह पर्व हमारे जीवन में आपसी सौहार्द, राष्ट्रीय एकता और असत्य पर सत्य की विजय का उद्घोष करता है।

आयोजन के दौरान मर्यादा और शालीनता का विशेष ध्यान रखा गया। मंदिर परिसर अबीर-गुलाल की खुशबू से महक उठा। पारंपरिक होली गीतों और भजनों की प्रस्तुति ने वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया। उपस्थित सभी सदस्यों और श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को गले लगाकर पर्व की बधाइयां दीं और पुरानी कड़वाहटों को भुलाकर नई शुरुआत करने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर मंदिर समिति के समस्त पदाधिकारी, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में भक्तगण उपस्थित रहे, जिन्होंने इस उत्सव को यादगार बनाया।



