Panchang: 14 अगस्त 2025 का पंचांग, राहु काल और धार्मिक महत्व




बलराम जयंती और हल षष्ठी व्रत विशेषांक
आज का पंचांग
तत्व | विवरण |
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तिथि | भाद्रपद कृष्ण पक्ष षष्ठी |
वार | गुरुवार |
नक्षत्र | रेवती (09:06 AM तक), फिर अश्विनी |
योग | शूल (01:12 PM तक), फिर गण्ड |
करण | गर |
सूर्योदय | 05:50 AM |
सूर्यास्त | 07:01 PM |
चंद्रोदय | 10:07 PM |
चंद्र राशि | मीन |
दिशा शूल | दक्षिण (इस दिशा में यात्रा से बचें) |
राहु काल (अशुभ समय)
02:04 PM – 03:43 PM
इस समय क्या न करें:
- नया कार्य शुरू न करें
- विवाह, गृह प्रवेश, वाहन खरीद, निवेश से बचें
- पूजा-पाठ या शुभ कार्य स्थगित रखें
अगर करना ही पड़े तो:
- हनुमान चालीसा का पाठ करें
- गुड़ व पंचामृत का भोग अर्पित करें
- हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाएं
राहु काल में निर्णय क्षमता भ्रमित हो सकती है, इसलिए इसे टालना ही श्रेयस्कर होता है।
आज के शुभ मुहूर्त
मुहूर्त | समय |
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ब्रह्म मुहूर्त | 04:23 AM – 05:07 AM |
अभिजीत मुहूर्त | 11:59 AM – 12:52 PM |
विजय मुहूर्त | 02:37 PM – 03:30 PM |
गोधूलि मुहूर्त | 07:01 PM – 07:23 PM |
अमृत काल | 06:50 AM – 08:20 AM |
निशीथ काल | 12:04 AM – 12:47 AM (15 अगस्त) |
रवि योग | 09:06 AM – 05:50 AM (15 अगस्त) |
सर्वार्थ सिद्धि योग | पूरे दिन उपलब्ध |
इन मुहूर्तों में पूजा, दान, संकल्प, खरीदारी, और शुभ कार्य करना अत्यंत फलदायी होता है।
आज का धार्मिक महत्व
बलराम जयंती
- भगवान श्रीकृष्ण के भ्राता बलराम जी का जन्मोत्सव
- शक्ति, धर्म और धैर्य के प्रतीक
- महिलाएं संतान सुख के लिए व्रत रखती हैं
- विशेष पूजा: हल, गदा और शंख का पूजन
हल षष्ठी व्रत
- माताएं संतान की दीर्घायु हेतु व्रत रखती हैं
- गोबर से छठ माता का चित्र बनाकर पूजा
- सात अनाजों का भोग, भुने चने का सेवन
- रांधण छठ, ललही छठ, खमर छठ के नाम से भी प्रसिद्ध
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