दिल्ली के जैतपुर में रक्षाबंधन पर मातम: समाधि स्थल की दीवार गिरने से 7 की मौत, भारी बारिश बनी वजह

जैतपुर, दक्षिण-पूर्व दिल्ली : रक्षाबंधन के दिन दिल्ली के जैतपुर इलाके में एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया। हरी नगर गांव के पीछे स्थित समाधि स्थल की लगभग 100 फुट लंबी दीवार अचानक गिर गई, जिसकी चपेट में पास की कई झुग्गियां आ गईं। हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 3 पुरुष, 2 महिलाएं और 2 बच्चियां शामिल हैं। दीवार गिरने के समय इलाके में भारी बारिश हो रही थी, जिससे दीवार की नींव कमजोर हो गई थी। यह दीवार एक पुराने मंदिर के पास बनी थी, और इसके आसपास कबाड़ का काम करने वाले लोग झुग्गियों में रहते थे।
रेस्क्यू ऑपरेशन और प्रशासन की कार्रवाई
- रेस्क्यू टीम: दिल्ली पुलिस, फायर ब्रिगेड, एनडीआरएफ और DDMA की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं।
- रेस्क्यू: मलबे से 8 लोगों को निकाला गया और एम्स ट्रॉमा सेंटर व सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया।
- मृतकों की पहचान:
- रुबीना (25 वर्ष)
- डॉली (25 वर्ष)
- रुखसाना (6 वर्ष)
- हसीना (7 वर्ष)
- तीन पुरुषों की भी पहचान की गई है
- घायल: हिशबुल नामक व्यक्ति अस्पताल में इलाजरत है।
मौसम की भूमिका
दिल्ली में शुक्रवार रात से ही भारी बारिश हो रही थी। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शनिवार के लिए रेड अलर्ट जारी किया था, जिसमें बिजली और गरज के साथ भारी बारिश की चेतावनी दी गई थी। बारिश के कारण दिल्ली के कई हिस्सों में जलभराव हुआ, जिससे यातायात भी प्रभावित हुआ।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
- डीसीपी साउथ ईस्ट हेमंत तिवारी: “सूचना मिलते ही 5 से 7 मिनट में लोकल पुलिस मौके पर पहुंच गई। जेसीबी की मदद से लोगों को निकाला गया।”
- फायर ब्रिगेड अधिकारी मनोज महलावत: “दीवार समाधि स्थल पर बनी थी और इसकी चपेट में कई झुग्गियां आ गईं।”
- एडिशनल डीसीपी ऐश्वर्या शर्मा: “अब आसपास की झुग्गियों को खाली कराया गया है ताकि भविष्य में ऐसा हादसा न हो।”
सवाल और चिंताएं
- क्या समाधि स्थल की दीवार की संरचना सुरक्षित थी?
- क्या झुग्गियों के पास ऐसे निर्माण की अनुमति थी?
- क्या भारी बारिश के पूर्वानुमान के बाद कोई एहतियाती कदम उठाए गए थे?
निष्कर्ष
रक्षाबंधन जैसे पवित्र दिन पर यह हादसा दिल्लीवासियों के लिए एक गहरा आघात है। यह घटना न केवल शहरी नियोजन की खामियों को उजागर करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि मौसम की चेतावनियों को गंभीरता से लेना कितना जरूरी है।