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6 जुलाई 2026 का पंचांग महाविश्लेषण: आषाढ़ कृष्ण षष्ठी को बन रहा सौभाग्य योग, जानें राहुकाल का समय और आज के शुभ-अशुभ मुहूर्त

सोमवार के विशेष संयोग पर जानिए रायपुर और देश भर के लिए आज का सटीक पंचांग, अभिजीत मुहूर्त का समय और राहुकाल में वर्जित कार्यों की विस्तृत वैज्ञानिक व धार्मिक जानकारी।







रायपुर, 6 जुलाई 2026: सनातन धर्म और वैदिक ज्योतिष में समय की गणना का विशेष महत्व है। किसी भी नए कार्य, व्यापार, गृह प्रवेश या मांगलिक अनुष्ठान को शुरू करने से पहले पंचांग की मदद से शुभ और अशुभ समय को देखा जाता है। आज सोमवार का दिन है और आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि का संयोग बन रहा है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार आज का दिन कर्म और अध्यात्म के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन दिन के चौबीस घंटों में एक ऐसा समय भी आता है जिसे सबसे अशुभ माना जाता है, जिसे राहुकाल कहते हैं।

आज के दिन का पूरा लाभ उठाने और किसी भी प्रकार के नुकसान से बचने के लिए पंचांग के नियमों का पालन करना हितकर होता है। आइए जानते हैं कि आज रायपुर और देश के विभिन्न हिस्सों के अनुसार राहुकाल का समय क्या रहेगा और आज कौन-कौन से शुभ मुहूर्त आपके कार्यों को सफल बना सकते हैं।

जानिए क्या होता है राहुकाल और क्यों माना जाता है इसे अशुभ

वैदिक ज्योतिष के अनुसार राहुकाल दिन का वह समय होता है जिसे बेहद अपवित्र और अशुभ माना जाता है। सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक के पूरे दिन को आठ बराबर भागों में बांटा जाता है, जिसमें से एक भाग पर पापी ग्रह राहु का आधिपत्य यानी नियंत्रण होता है। राहु को भ्रम, अड़चन और मानसिक तनाव का कारक माना जाता है। यही कारण है कि इस विशिष्ट अवधि के दौरान ब्रह्मांड में नकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ जाता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार राहुकाल के समय शुरू किए गए कार्यों में बाधाएं आने की संभावना सबसे अधिक होती है। इस समय में किए गए कार्यों का परिणाम अनुकूल नहीं मिलता और व्यक्ति को मानसिक अशांति या आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। इसी वजह से इस डेढ़ घंटे की अवधि में किसी भी नए या शुभ कार्य की शुरुआत करने की सख्त मनाही होती है।

आज 6 जुलाई 2026 को राहुकाल और अशुभ समय सारणी

आज सोमवार को राहुकाल का समय सुबह के भाग में रहेगा। रायपुर और इसके आसपास के क्षेत्रों के पंचांग के अनुसार आज के सभी प्रमुख वर्जित और अशुभ समय खंड नीचे दी गई तालिका में विस्तार से दिए गए हैं:

आज के अशुभ और वर्जित मुहूर्त

अशुभ मुहूर्त का प्रकारप्रारंभ समयसमाप्ति समयमुख्य प्रभाव और निषेध
राहुकाल (Rahu Kaal)सुबह 07:14 बजेसुबह 08:58 बजेनए व्यापार, यात्रा और बड़े लेन-देन की सख्त मनाही।
यमागंड काल (Yamaganda)दोपहर 01:07 बजेदोपहर 03:51 बजेइस समय में किए गए कार्यों का परिणाम शून्य मिलता है।
गुलिक काल (Gulik Kaal)सुबह 10:23 बजेदोपहर 01:07 बजेमहत्वपूर्ण समझौतों और कागजी काम के लिए अशुभ।
दुर्मुहूर्त (Dur Muhurtat)दोपहर 01:37 बजेदोपहर 02:25 बजेमानसिक तनाव और विवाद बढ़ाने वाला समय।

राहुकाल में क्या-क्या चीजें भूलकर भी नहीं करनी चाहिए

राहुकाल के दौरान कुछ विशेष कार्यों को करने से पूरी तरह बचना चाहिए ताकि जीवन में किसी बड़ी समस्या का सामना न करना पड़े। इस अवधि में किसी भी नए व्यापार या प्रतिष्ठान की शुरुआत नहीं करनी चाहिए। इसके साथ ही नए वाहन, सोने के आभूषण, भूमि या मकान की खरीदारी करने से भी बचना चाहिए।

इस समय में विवाह, सगाई, मुंडन या गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य पूरी तरह वर्जित होते हैं। किसी नए प्रोजेक्ट की शुरुआत या महत्वपूर्ण व्यावसायिक सौदों पर हस्ताक्षर भी इस समय नहीं करने चाहिए। यदि बहुत जरूरी न हो तो इस समय अवधि में लंबी दूरी की यात्रा शुरू करने से भी बचना चाहिए।

राहुकाल की अवधि में क्या करना होता है बेहद फायदेमंद

ऐसा नहीं है कि राहुकाल में सभी कार्य बंद कर देने चाहिए। इस समय में भौतिक और सांसारिक कार्यों की मनाही होती है, लेकिन आध्यात्मिक कार्यों के लिए यह समय अच्छा माना जाता है। राहुकाल के दौरान भगवान शिव, हनुमान जी या मां दुर्गा की पूजा-अर्चन करना बेहद फलदायी होता है।

इस समय में राहु ग्रह के मंत्रों का जाप करना या राहु शांति के उपाय करना विशेष लाभ देता है। यदि आप इस समय में नियमित रूप से किए जाने वाले रोजमर्रा के काम करते हैं, तो उस पर राहुकाल का कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता। पहले से शुरू हो चुके कार्यों को इस समय जारी रखने में कोई बुराई नहीं है।

अगर राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त एक साथ आ जाएं तो क्या करें

अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि यदि किसी दिन राहुकाल और दिन का सबसे शुभ मुहूर्त यानी अभिजीत मुहूर्त एक साथ पड़ जाएं, तो क्या करना चाहिए। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अभिजीत मुहूर्त को अत्यंत शक्तिशाली और सभी दोषों को नष्ट करने वाला माना गया है। भगवान विष्णु का आशीर्वाद इस मुहूर्त को प्राप्त होता है।

शास्त्रों का नियम कहता है कि यदि राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का समय आपस में टकरा जाए, तो ऐसी स्थिति में सामान्य जन को नए और अत्यंत महत्वपूर्ण शुभ कार्यों को टाल देना चाहिए। हालांकि, अभिजीत मुहूर्त बहुत प्रभावी होता है, लेकिन राहुकाल की उपस्थिति उसकी शुभता में कमी ला सकती है। इसलिए किसी भी प्रकार के संशय से बचने के लिए राहुकाल की समाप्ति के बाद ही शुभ कार्य शुरू करना सबसे उत्तम माना जाता है।

आज 6 जुलाई 2026 के सभी शुभ मुहूर्त की विस्तृत जानकारी

आज के पंचांग में कई ऐसे शुभ समय भी मौजूद हैं, जिनमें आप अपने रुके हुए या नए कार्यों को बिना किसी बाधा के शुरू कर सकते हैं। आज के प्रमुख शुभ मुहूर्त नीचे तालिका में दिए जा रहे हैं:

आज के शुभ और श्रेष्ठ मुहूर्त

शुभ मुहूर्त का नामप्रारंभ समयसमाप्ति समयधार्मिक महत्व और उपयोग
ब्रह्म मुहूर्त (Brahma Muhurta)सुबह 03:19 बजेसुबह 04:07 बजेयोग, साधना, अध्ययन और ईश्वर आराधना के लिए सर्वोत्तम।
अमृत काल (Amrit Kaal)सुबह 06:25 बजेसुबह 07:55 बजेपवित्र स्नान, दान और मांगलिक कार्यों की योजना हेतु।
अभिजीत मुहूर्त (Abhijit)सुबह 11:21 बजेदोपहर 12:09 बजेदिन का सबसे शक्तिशाली और दोषमुक्त समय।
विजय मुहूर्त (Vijaya Muhurta)दोपहर 12:12 बजेदोपहर 12:40 बजेअदालती मामलों और विजय प्राप्ति के कार्यों के लिए।
गोधूलि मुहूर्त (Godhuli)शाम 05:47 बजेशाम 06:59 बजेसंध्या वंदन और शांति पाठ के लिए उत्तम काल।

विस्तार पूर्वक जानिए आज 6 जुलाई 2026 का पूरा पंचांग

वैदिक पंचांग के पांच प्रमुख अंगों तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण की आज की स्थिति नीचे विस्तृत तालिका के माध्यम से समझी जा सकती है:

दैनिक पंचांग विवरण

पंचांग अंगआज की स्थिति और मान
तिथि (Tithi)आषाढ़ कृष्ण षष्ठी (दोपहर 01:48 बजे तक, तत्पश्चात सप्तमी तिथि)
वार (Day)सोमवार (भगवान भोलेनाथ का विशेष दिन)
नक्षत्र (Nakshatra)पूर्वा भाद्रपदा (दोपहर 03:36 बजे तक, तत्पश्चात उत्तरा भाद्रपदा)
योग (Yoga)सौभाग्य योग (दोपहर 03:18 बजे तक, तत्पश्चात शोभन योग)
करण (Karana)विष्टि करण (दोपहर 01:11 बजे तक, तत्पश्चात बव करण)
सूर्य गोचरमिथुन राशि, पुनर्वसु नक्षत्र
चन्द्र गोचरमीन राशि
दिशाशूल (Disha Shool)पूर्व दिशा (यदि यात्रा अनिवार्य हो तो दर्पण देखकर या मीठा खाकर निकलें)

आज का धार्मिक महत्व और पूजा विधि

सोमवार का दिन होने के कारण आज का धार्मिक महत्व और अधिक बढ़ जाता है। आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी और सप्तमी तिथि के इस संधिकाल में भगवान शिव और माता पार्वती की संयुक्त पूजा करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। आज के दिन शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्र अर्पित करने से कुंडली के कई दोष शांत होते हैं। विशेषकर जिन लोगों की कुंडली में राहु या चंद्रमा की स्थिति कमजोर है, उन्हें आज के दिन शिव जी की उपासना अवश्य करनी चाहिए।

डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह समाचार www.the4thpillar.live के पाठकों की रुचि और जानकारी के लिए सामान्य ज्योतिषीय मान्यताओं और पंचांग गणनाओं के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारियों की सटीकता और पूर्णता के लिए हमारा न्यूज पोर्टल किसी भी प्रकार का दावा नहीं करता है। किसी भी मुहूर्त या पंचांग के नियमों का पालन करने से पहले कृपया अपने स्थानीय योग्य पुरोहित या ज्योतिषाचार्य से परामर्श अवश्य लें।

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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