पॉलिटेक्निक कॉलेज में ‘संवाद से समाधान’, डीसीपी ने छात्रों को सिखाए साइबर सुरक्षा के गुर
रायपुर कमिश्नरेट की पहल: नशा मुक्ति और यातायात नियमों के प्रति छात्र-छात्राओं को किया गया जागरूक।

रायपुर । राजधानी के युवाओं को साइबर अपराधों से बचाने और सामाजिक बुराइयों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से रायपुर कमिश्नरेट द्वारा एक विशेष पहल की गई है। डीसीपी सेंट्रल जोन के नेतृत्व में महिला पॉलिटेक्निक कॉलेज, रायपुर में ‘संवाद से समाधान’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें पुलिस के आला अधिकारियों ने छात्रों से सीधा संवाद किया।
साइबर सुरक्षा और डिजिटल सतर्कता पर जोर
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डीसीपी सेंट्रल जोन उमेश प्रसाद गुप्ता (IPS) ने इंटरनेट की दुनिया में सुरक्षित रहने के व्यावहारिक तरीके साझा किए। उन्होंने विशेष रूप से चेतावनी दी कि अनजाने लिंक, फर्जी कॉल और ओटीपी साझा करना कितना घातक हो सकता है। उन्होंने सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग और साइबर हेल्पलाइन नंबरों की महत्ता पर प्रकाश डाला।
नशा मुक्ति और यातायात अनुशासन
युवाओं को नशे के जाल से बचाने के लिए एसीपी सिविल लाइन रमाकांत साहू ने प्रेरित किया, वहीं एसीपी ट्रैफिक सतीश ठाकुर ने सड़क सुरक्षा और हेलमेट की अनिवार्यता पर जोर दिया। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त तारकेश्वर पटेल ने रायपुर पुलिस की कार्यप्रणाली समझाते हुए छात्रों से ‘साइबर दोस्त’ अभियान का हिस्सा बनने का आह्वान किया।
पुलिस और जनता के बीच बढ़ेगा समन्वय
एसीपी कोतवाली दीपक मिश्रा ने बताया कि थाना स्तर पर पुलिस किस तरह आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान कर रही है। कार्यक्रम के अंत में एक ‘ओपन सेशन’ रखा गया, जहाँ छात्र-छात्राओं ने पुलिस अधिकारियों से खुलकर सवाल पूछे और अपनी शंकाओं का समाधान पाया।
इस अवसर पर कॉलेज की प्राचार्य वर्षा चौरसिया, पटेल सहित कॉलेज स्टाफ और भारी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। रायपुर कमिश्नरेट की इस पहल को जनसहभागिता मजबूत करने की दिशा में एक प्रभावी कदम माना जा रहा है।



