रायपुर में अब ‘कमिश्नर राज’: डॉ. संजीव शुक्ला ने ली अधिकारियों की बैठक,अपराधियों और नशा माफियाओं पर नकेल कसने के निर्देश
पहली समीक्षा बैठक में सख्त तेवर: विजिबल पुलिसिंग और पैदल पेट्रोलिंग से सुरक्षित बनेगा शहर।

रायपुर । रायपुर कमिश्नरेट के अस्तित्व में आने के बाद प्रथम पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कड़े तेवरों के साथ अपनी पहली समीक्षा बैठक ली। सिविल लाइंस स्थित सी-4 भवन में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि शहर में सुरक्षा का माहौल बनाना और अपराधियों में खौफ पैदा करना पुलिस की पहली प्राथमिकता होगी।
चाकूबाजी और नशे के नेटवर्क पर होगा प्रहार
बैठक के दौरान डॉ. संजीव शुक्ला ने चाकूबाजी, नशे के कारोबार और असामाजिक तत्वों की ‘अड्डेबाजी’ पर कड़ा नियंत्रण रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशे के अवैध विक्रय पर न केवल रोक लगे, बल्कि इसके पूरे नेटवर्क को ध्वस्त किया जाए। चाकूबाजी की छोटी से छोटी घटना पर भी कड़ी धाराओं के तहत कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश थाना प्रभारियों को दिए गए हैं।
सड़कों पर दिखेगी पुलिस, पैदल गश्त में होगी तेजी
शहरवासियों में सुरक्षा का भाव जगाने के लिए ‘विजिबल पुलिसिंग’ को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पैदल पेट्रोलिंग और रात्रि गश्त को और अधिक मजबूत किया जाए। साथ ही, गुंडा और निगरानी बदमाशों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखने को कहा गया है।
आयोजनों के लिए अनुमति अनिवार्य, समय पर बंद होंगे कैफे-बार
शहर की कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए अब किसी भी रैली, धरने या सामूहिक आयोजन के लिए पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके अलावा, निर्धारित समय सीमा के बाद संचालित होने वाले बार, कैफे और रेस्टोरेंट पर सख्ती बरती जाएगी और उन्हें समय पर बंद कराया जाएगा।
ट्रैफिक और साइबर सुरक्षा पर विशेष निर्देश
यातायात विभाग की बैठक में कमिश्नर ने शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के निर्देश दिए, साथ ही यह हिदायत भी दी कि चालानी कार्रवाई के नाम पर आम जनता को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए। साइबर अपराधों की बढ़ती शिकायतों पर उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पीड़ितों को तत्काल सहायता प्रदान करें और केवल निचले स्तर के अपराधियों के बजाय मुख्य सरगनाओं तक पहुंचें।
अंत में, उन्होंने जिला विशेष शाखा (DSB) के साथ बैठक कर खुफिया तंत्र (आसूचना तंत्र) को और अधिक सक्रिय और मजबूत करने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।



