‘बुलडोजर न्याय नहीं, जंगलराज का प्रतीक’,दुष्कर्म मामले में कार्रवाई पर कांग्रेस का तीखा हमला

प्रदेश में रोजाना हो रही 8 दुष्कर्म की घटनाएं, सुरक्षा देने में नाकाम रही साय सरकार।





रायपुर । छत्तीसगढ़ में बढ़ते अपराधों और हाल ही में दुष्कर्म के आरोपी के घर पर हुई बुलडोजर कार्रवाई को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने राज्य सरकार पर कड़ा प्रहार किया है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने इसे सरकार की प्रशासनिक विफलता को छिपाने का एक ‘कुत्सित प्रयास’ करार दिया है।

​सुशील आनंद शुक्ला ने जारी बयान में कहा कि राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद से कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। उन्होंने कहा कि सरकार अपराधियों पर नियंत्रण पाने में असमर्थ है, इसलिए उसे संविधानेत्तर उपायों (Extra-constitutional measures) का सहारा लेना पड़ रहा है। लूट, हत्या, बलात्कार और चाकूबाजी की बढ़ती घटनाएं प्रदेश को विचलित कर रही हैं।

​कांग्रेस संचार प्रमुख ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि भाजपा शासन में महिलाएं सबसे अधिक असुरक्षित हैं। प्रदेश में औसतन प्रतिदिन 8 दुष्कर्म की घटनाएं हो रही हैं। सरकार कभी कमिश्नरी प्रणाली की बात करती है तो कभी बुलडोजर चलाकर अपनी पीठ थपथपाती है, लेकिन जमीनी स्तर पर अपराधियों में पुलिस का कोई खौफ नजर नहीं आ रहा।

​नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म को जघन्य अपराध बताते हुए शुक्ला ने मांग की कि ऐसे दुर्दांत अपराधियों का फास्ट ट्रैक कोर्ट में ट्रायल कर तत्काल फांसी की सजा दी जानी चाहिए, ताकि समाज में नजीर पेश हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध निर्माण पर कार्रवाई और दुष्कर्म की सजा दो अलग विषय हैं। प्रशासन इन दोनों को जोड़कर केवल अपनी नाकामी पर पर्दा डालने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि निर्माण अवैध था, तो प्रशासन आरोपी के अपराध करने का इंतजार क्यों कर रहा था?

​प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि बुलडोजर ‘न्याय’ नहीं बल्कि ‘विध्वंस’ और ‘जंगलराज’ का प्रतीक है। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार किसी भी तोड़फोड़ से पहले 15 दिन का नोटिस और प्रभावित पक्ष को सुनवाई का अवसर मिलना अनिवार्य है। शुक्ला ने पूछा कि क्या इस मामले में कानूनी प्रक्रिया का पालन किया गया या फिर केवल हेडलाइन बटोरने के लिए पूरे परिवार को सामूहिक रूप से दंडित किया गया?

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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