अंतिम विदाई में मानवता का संदेश: छाया अग्रवाल ने जाते-जाते दुनिया को दी नई दृष्टि, परिवार ने पेश की अनुकरणीय मिसाल

नेत्रदान महादान: विधायक डॉ. संपत अग्रवाल के परिवार का बड़ा फैसला, बेटी छाया की आंखों से रोशन होगी किसी की अंधेरी दुनिया





बसना । “मेरा समर्पण ऐसा हो कि मर कर भी कुछ काम आ सकूं…” इन पंक्तियों को अक्षरशः जीवंत करते हुए बसना के प्रतिष्ठित अग्रवाल परिवार ने शोक की इस अत्यंत कठिन घड़ी में मानवता की एक ऐसी मिसाल पेश की है, जिसकी चर्चा आज हर जुबान पर है।

बसना विधायक डॉ. संपत अग्रवाल के बड़े भ्राता एवं अग्रवाल सभा अध्यक्ष रामचंद्र अग्रवाल तथा अखिल भारतीय महिला सम्मेलन की कोषाध्यक्ष अनीता अग्रवाल की सुपुत्री छाया अग्रवाल का दिनांक 11 जनवरी 2026 को असामयिक निधन हो गया। अपनी संतान को खोने के अपार दुख के बीच भी, माता-पिता ने समाज के प्रति अपने उत्तरदायित्व को प्राथमिकता दी और अपनी लाड़ली की स्मृति को अमर बनाने के लिए उसके नेत्रदान का साहसिक निर्णय लिया।

परिजनों की इच्छा और सहमति के पश्चात, विशेषज्ञों व चिकित्सकों के दल ने पूरे सम्मान के साथ दिवंगत छाया के दोनों नेत्र सुरक्षित रूप से प्राप्त किए। चिकित्सकों के अनुसार, इन नेत्रों के माध्यम से दो ऐसे व्यक्तियों के जीवन में पुनः प्रकाश लौट सकेगा, जो वर्तमान में दृष्टिहीनता के कारण अंधेरी दुनिया में जीने को मजबूर हैं।

नेत्रदान को ‘महादान’ की श्रेणी में रखा गया है, लेकिन शोक के समय भावुकता से ऊपर उठकर इस संकल्प को निभाना अत्यंत कठिन होता है। रामचंद्र अग्रवाल और अनीता अग्रवाल के इस निर्णय ने न केवल अपनी पुत्री को एक गरिमामयी विदाई दी है, बल्कि भविष्य के लिए एक नई राह भी दिखाई है। अब छाया की आंखों से कोई और इस खूबसूरत दुनिया को देख पाएगा और नए सपने बुन सकेगा।

इस महान कार्य के लिए क्षेत्र के प्रबुद्धजनों और सामाजिक संगठनों ने अग्रवाल परिवार के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उन्हें कोटि-कोटि नमन किया है। हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि दिवंगत पुण्यात्मा को श्रीहरि अपने श्रीचरणों में (बैकुंठ) स्थान दें और शोकाकुल परिवार को इस अपार दुख को सहने की शक्ति प्रदान करें।

“छाया भले ही आज हमारे बीच शारीरिक रूप से नहीं हैं, लेकिन उनकी दृष्टि इस संसार में सदैव जीवित रहेगी।”

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button