विधायक डॉ. संपत अग्रवाल के हस्तक्षेप से सुधरी धान खरीदी की व्यवस्था, वन ग्राम श्रीरामपुर के किसानों को मिली बड़ी राहत
संकटमोचक बने विधायक डॉ. संपत अग्रवाल,धान खरीदी में आ रही बाधाएं दूर, किसानों ने जताया विधायक का आभार

बसना । बसना विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक डॉ. संपत अग्रवाल की त्वरित कार्यप्रणाली और किसान हितैषी दृष्टिकोण के चलते वन ग्राम श्रीरामपुर के किसानों की एक बड़ी समस्या का समाधान हो गया है। धान खरीदी केंद्र में पिछले कुछ समय से आ रही तकनीकी बाधाओं के दूर होने पर क्षेत्र के किसानों ने विधायक डॉ. संपत अग्रवाल के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उनका हृदय से आभार माना है।
विदित हो कि श्रीरामपुर के किसान धान खरीदी पोर्टल, ऑनलाइन टोकन एंट्री और सर्वर से संबंधित तकनीकी जटिलताओं के कारण अपना धान बेचने में असमर्थ थे। इस समस्या से धान विक्रय की पूरी प्रक्रिया बाधित हो रही थी और किसानों में भारी चिंता व्याप्त थी। जैसे ही यह मामला विधायक डॉ. संपत अग्रवाल के संज्ञान में आया, उन्होंने इसे प्राथमिकता पर लेते हुए तत्काल अपने निज सचिव नरेंद्र बोरे को संबंधित विभागों से समन्वय कर निराकरण के निर्देश दिए।
विधायक डॉ संपत अग्रवाल के स्पष्ट निर्देशों के बाद उनके निज सचिव नरेंद्र बोरे ने तत्काल खाद्य विभाग, सहकारी समिति और तकनीकी अमले से संपर्क साधा। विशेष बात यह रही कि निज सचिव नरेंद्र बोरे ने देर रात किसानों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं को सुना और उन्हें आश्वस्त किया कि विधायक जी के निर्देशानुसार उनकी समस्या का समाधान प्राथमिकता से किया जा रहा है।
प्रशासनिक और तकनीकी टीम की सक्रियता से पोर्टल की त्रुटियों को सुधारा गया, प्रविष्टियों को अपडेट किया गया और तौल प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया गया। इस त्वरित कार्रवाई के बाद अब किसान बिना किसी परेशानी के अपना धान बेच पा रहे हैं।
वन ग्राम श्रीरामपुर के किसानों ने सामूहिक रूप से विधायक डॉ. संपत अग्रवाल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विधायक जी हमेशा किसानों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील रहते हैं। यदि समय पर हस्तक्षेप नहीं होता, तो हमें भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ती। डॉ. संपत अग्रवाल के नेतृत्व में हमें सदैव संरक्षण और सहयोग प्राप्त होता है।
इस विषय पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने कहा किसान हमारे समाज और अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। उनकी समस्याओं का समाधान करना मेरी प्राथमिक जिम्मेदारी है। धान खरीदी के दौरान किसानों को कोई भी कष्ट न हो, इसके लिए अधिकारियों को सतत निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। हमारी सरकार और हम स्वयं किसानों के हितों की रक्षा के लिए सदैव संकल्पित हैं।



