रायपुर में नशीली दवाओं के सिंडिकेट का भंडाफोड़: 1 करोड़ की नशीली गोलियां जब्त,4 मेडिकल संचालक और MR गिरफ्तार
17,808 नशीली टेबलेट्स के साथ टाटा सफारी जब्त, कोरियर और बस संचालकों पर भी गिरेगी गाज।

रायपुर । रायपुर पुलिस के विशेष अभियान ‘ऑपरेशन निश्चय’ के तहत नशे के सौदागरों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्यवाही की गई है। पुलिस ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित होने वाले मेडिकल स्टोर की आड़ में चल रहे ‘नशीली दवाओं के सिंडिकेट’ का पर्दाफाश किया है। इस कार्यवाही में 17,808 नग प्रतिबंधित नशीली टेबलेट्स बरामद की गई हैं, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 1 करोड़ रुपये आंकी गई है।
जबलपुर से जुड़ा था तस्करी का जाल
पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि नशे की यह खेप जबलपुर से कोरियर और निजी बस ट्रांसपोर्ट के जरिए रायपुर मंगाई जा रही थी। मामले में मुख्य कड़ी आनंद शर्मा (एम.आर.) को बनाया गया है, जो अन्य राज्यों से माल मंगाकर स्थानीय मेडिकल स्टोर्स को सप्लाई करता था। पुलिस ने इस गिरोह के कब्जे से तस्करी में प्रयुक्त टाटा सफारी वाहन और 5 मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं।
ऐसे फंसाए गए आरोपी: पुलिस ने बनाया ‘प्वाइंटर’
एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देश पर एंटी क्राइम एवं साइबर यूनिट ने जाल बिछाकर पुरानी बस्ती स्थित ‘रत्ना मेडिकल स्टोर’ पर एक फर्जी ग्राहक (प्वाइंटर) भेजा। जैसे ही संचालक ने बिना पर्ची के नशीली दवाएं बेचीं, पुलिस की टीम ने दबिश देकर उसे रंगे हाथों दबोच लिया। आरोपी की निशानदेही पर टिकरापारा, खमतराई और धरसींवा के मेडिकल स्टोर्स पर भी एक साथ छापेमारी की गई।
सील होंगे मेडिकल स्टोर, लाइसेंस निरस्त करने की तैयारी
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पकड़े गए चारों मेडिकल स्टोर्स—रत्ना मेडिकल, काव्या मेडिकोज, प्यारी लक्ष्मी मेडिकल और भरोसा मेडिकल स्टोर—को तत्काल प्रभाव से सील करने और उनके लाइसेंस निरस्त करने की वैधानिक कार्यवाही शुरू कर दी गई है। मामले में एक अंतर्राज्यीय आरोपी फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
पुलिस की चेतावनी:
आईजी अमरेश मिश्रा ने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि प्रतिबंधित दवाओं के परिवहन में संलिप्त कोरियर कंपनियों और बस संचालकों की भी जांच की जाएगी। यदि उनकी भूमिका संदिग्ध पाई जाती है, तो उनके विरुद्ध भी कठोर कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।



