Weather Alert: छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज, 22 अगस्त 2025 को भी बारिश का दौर जारी




किसानों और व्यापारियों पर मौसमी बदलावों का असर, जानें खेती और बाजार की स्थिति
छत्तीसगढ़ में जारी बारिश का सीधा असर खेती और कृषि उत्पादों पर पड़ रहा है। लगातार हो रही वर्षा से धान की फसल को लाभ हो रहा है, जिससे इस वर्ष बंपर पैदावार की उम्मीद है।
हालांकि, कुछ निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति से फसल खराब होने का खतरा भी बना हुआ है।
वहीं, सब्जियों और अन्य फसलों पर भी बारिश का असर दिख रहा है, जिससे मंडियों में आवक कम होने और कुछ सब्जियों के दाम बढ़ने की संभावना है।
किसान भाइयों को सलाह दी जाती है कि वे जल निकासी की उचित व्यवस्था करें और अपनी फसलों की निगरानी करते रहें।
रायपुर और छत्तीसगढ़ का मौसम पूर्वानुमान, 22 अगस्त 2025
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार, 22 अगस्त 2025 को छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कुछ इलाकों में गरज के साथ बौछारें भी पड़ सकती हैं।
- रायपुर का मौसम:
- न्यूनतम तापमान: 24°C
- अधिकतम तापमान: 28°C
- हवा की दिशा और गति: हवा पश्चिम दिशा से 12 मील प्रति घंटा की गति से चलेगी।
- वर्षा की संभावना: दिन में 70% और रात में 35% बारिश की संभावना है।
- सूर्योदय: सुबह 05:44 बजे
- सूर्यास्त: शाम 06:28 बजे
- अन्य जिलों में मौसम:
- आज छत्तीसगढ़ के दुर्ग, राजनांदगांव, बालोद, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, बिलासपुर, कोरबा, जांजगीर-चांपा, सरगुजा, कोरिया, सूरजपुर और बलरामपुर जैसे जिलों में हल्की बारिश या बादलों की आवाजाही लगी रह सकती है।
मौसम चेतावनी (अलर्ट)
मौसम विभाग ने 22 अगस्त 2025 के लिए छत्तीसगढ़ के किसी भी जिले के लिए रेड, ऑरेंज या येलो अलर्ट जारी नहीं किया है। हालांकि, 25 और 26 अगस्त को छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में बहुत ज्यादा बारिश होने की संभावना है, जिसके लिए सतर्क रहने की आवश्यकता है।
जनता के लिए सामान्य चेतावनी और सुझाव
लोगों को सलाह दी जाती है कि वे बारिश के दौरान घर से बाहर निकलते समय सावधानी बरतें। खासकर उन क्षेत्रों में, जहाँ जलभराव की समस्या हो सकती है। बिजली चमकने और बादलों की गरज के दौरान खुले में न रहें। वाहन चालकों को धीमी गति से चलने और सड़कों पर पानी जमा होने की स्थिति में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। किसानों को अपनी फसलों की देखभाल करने और जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने की सलाह दी जाती है।