रायपुर निगम ने महिलाओं के लिए ‘शांति गृह’ सहित कई जनहितकारी प्रस्तावों को दी मंजूरी

महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहल: गारमेंट फैक्ट्री से 500 स्थानीय महिलाओं को मिलेगा रोजगार, गंज मंडी और नवीन मार्केट का भी होगा पुनर्विकास

रायपुर । नगर निगम रायपुर ने महापौर मीनल चौबे की अध्यक्षता में आयोजित एमआईसी (महापौर परिषद) की बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को हरी झंडी दिखाई है। इनमें सबसे प्रमुख है मध्यम वर्गीय परिवारों की महिलाओं के लिए ‘महिला शांति गृह’ का निर्माण। यह शांति गृह घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना और अन्य समस्याओं से पीड़ित महिलाओं को तत्काल सहायता और अस्थायी आश्रय प्रदान करेगा।

महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम

महिला शांति गृह का निर्माण रायपुर के नरैया तालाब के पास खाली जमीन पर किया जाएगा। इस परियोजना का उद्देश्य महिलाओं को परामर्श सेवाएं देना और उन्हें सुरक्षित वातावरण प्रदान करना है। इसके लिए लगभग 5 करोड़ रुपये का बजट तैयार किया गया है। यह पहल महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

गारमेंट फैक्ट्री से 500 महिलाओं को रोजगार

एमआईसी ने एक निजी एजेंसी के माध्यम से गारमेंट फैक्ट्री चलाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। इस योजना के तहत न्यूनतम 500 स्थानीय महिलाओं को रोजगार मिलेगा, जिससे उनके लिए आजीविका के नए अवसर पैदा होंगे। यह कदम स्थानीय महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगा।

अन्य प्रमुख प्रस्तावों पर भी मुहर

बैठक में कई अन्य जनहितकारी निर्णय भी लिए गए:

  • गंज मंडी और नवीन मार्केट का पुनर्विकास: रायपुर के ऐतिहासिक गंज मंडी और नवीन मार्केट को आधुनिक और व्यवस्थित वाणिज्यिक परिसर के रूप में विकसित किया जाएगा।
  • गणेश उत्सव में पुरस्कार परंपरा की वापसी: शहर की सांस्कृतिक गरिमा को बढ़ावा देने के लिए गणेश उत्सव में झांकियों और स्थलों की सजावट के लिए पुरस्कार देने की परंपरा फिर से शुरू की जाएगी।
  • सड़कों की सफाई के लिए मशीनीकरण: शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए मशीनीकृत सड़क सफाई का कार्य शुरू किया जाएगा।
  • आकांक्षीय शौचालयों का निर्माण: स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहर के 10 अलग-अलग स्थानों पर 10 सीटर आकांक्षीय शौचालयों का निर्माण होगा, जिससे सार्वजनिक स्वच्छता में सुधार होगा।
  • खेल सुविधाओं का विकास: आमानाका बस स्टैंड की जमीन पर एक बहुउद्देश्यीय स्टेडियम और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जाएगा, जिससे खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

इसके अतिरिक्त, एमआईसी ने विभिन्न विभागों के कर्मचारियों की पदोन्नति, संविदा नियुक्ति, और चिकित्सा प्रतिपूर्ति से संबंधित कई प्रस्तावों को भी मंजूरी दी। महापौर मीनल चौबे ने सभी जोन कमिश्नरों को सड़कों पर आवारा पशुओं, गड्ढों और अवैध अतिक्रमणों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

महापौर परिषद एमआईसी की बैठक में महापौर मीनल चौबे की अध्यक्षता, आयुक्त विश्वदीप, एमआईसी सदस्य मनोज वर्मा, दीपक जायसवाल, गायत्री सुनील चंद्राकर, सरिता आकाश दुबे, संतोषी सीमा साहू, अवतार भारती बागल, भोला राम साहू, सुमन अशोक पाण्डेय, डॉ. अनामिका सिंह, महेन्द्र खोडियार, अमर गिदवानी, नंदकिशोर साहू, खेम कुमार सेन, संजना हियाल सहित अपर आयुक्तगणों, अधीक्षण अभियंतागणों, उपायुक्तों, जोन कमिश्नरों, पालन अभियंताओं, विभागो के प्रभारी अधिकारियों की उपस्थिति में हुई।

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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