छत्तीसगढ़ पुलिस भर्ती विवाद: गृह मंत्री विजय शर्मा ने अभ्यर्थियों से की सीधी बातचीत, चयन प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोपों पर मचा बवाल

5967 पदों पर हुई आरक्षक भर्ती में गड़बड़ी के आरोपों के बीच सैकड़ों अभ्यर्थी पहुंचे गृह मंत्री निवास, हाईकोर्ट में भी दायर हुई याचिका।





रायपुर, 21 दिसंबर 2025 — छत्तीसगढ़ में 5967 पदों पर हुई पुलिस आरक्षक भर्ती को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। राजधानी रायपुर में आज सैकड़ों अभ्यर्थी गृह मंत्री विजय शर्मा से मिलने उनके निवास पहुंचे और भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर अपनी शिकायतें दर्ज कराईं। अभ्यर्थियों का आरोप है कि चयन सूची में भारी गड़बड़ी हुई है, जिससे योग्य उम्मीदवारों को बाहर कर दिया गया।

भर्ती प्रक्रिया पर उठे सवाल, सोशल मीडिया पर भी मचा हंगामा

सितंबर 2023 में छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग ने 5967 आरक्षक पदों के लिए भर्ती विज्ञापन जारी किया था। इसके तहत प्रदेश के सभी 33 जिलों में शारीरिक दक्षता परीक्षा और लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी। हालांकि, हाल ही में जारी चयन सूची के बाद सोशल मीडिया पर कई अभ्यर्थियों ने आरोप लगाए कि सूची में आरक्षण, मेरिट और दस्तावेज सत्यापन में भारी अनियमितताएं हुई हैं।

गृह मंत्री ने अभ्यर्थियों को बुलाकर की चर्चा

गृह मंत्री विजय शर्मा ने आज सुबह 10 बजे से अपने निवास पर अभ्यर्थियों से मुलाकात की। सूत्रों के अनुसार, सैकड़ों की संख्या में पहुंचे अभ्यर्थियों को अपनी बात रखने और दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया। गृह मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को भी बुलाकर शिकायतों की जांच के निर्देश दिए हैं। यह पहली बार है जब किसी मंत्री ने इस स्तर पर सीधी बातचीत कर अभ्यर्थियों की समस्याएं सुनी हैं।

हाईकोर्ट में भी पहुंचा मामला, जनहित याचिका खारिज

भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर कुछ अभ्यर्थियों ने बिलासपुर हाईकोर्ट में जनहित याचिका भी दायर की थी। हालांकि, सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं ने याचिका वापस लेने का अनुरोध किया, जिसे अदालत ने स्वीकार कर याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि अभ्यर्थी अंतिम नियुक्ति के बाद उपयुक्त मंच पर चुनौती दे सकते हैं।

अभ्यर्थियों की मांग: चयन सूची की हो निष्पक्ष जांच

अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग है कि चयन सूची की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो वे राज्यव्यापी आंदोलन करेंगे। कुछ अभ्यर्थियों ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ जिलों में स्थानीय उम्मीदवारों को प्राथमिकता नहीं दी गई और बाहरी जिलों के कम मेरिट वाले उम्मीदवारों को चयनित किया गया।

सरकार की प्रतिक्रिया

गृह मंत्री विजय शर्मा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सभी शिकायतों की निष्पक्ष जांच की जाएगी और यदि कोई अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि योग्य अभ्यर्थियों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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