राजधानी रायपुर में हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया 77वां गणतंत्र दिवस,राज्यपाल रमेन डेका ने किया विजेताओं को सम्मानित

800 से अधिक स्कूली बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां रही आकर्षण का केंद्र





रायपुर । देश के 77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में भव्य समारोह का आयोजन किया गया। राज्यपाल रमेन डेका ने राष्ट्रीय ध्वज फहराकर संयुक्त परेड की सलामी ली और प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

अपने संबोधन में राज्यपाल डेका ने कहा कि गणतंत्र दिवस हमें संविधान के मूल्यों के प्रति निष्ठा रखते हुए राष्ट्र की एकता, अखंडता और संप्रभुता को सुदृढ़ करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने नागरिकों से अपने कर्तव्यों के निर्वहन के साथ लोकतंत्र को मजबूत करने का आह्वान किया।

समारोह का प्रमुख आकर्षण स्कूली बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति से ओत-प्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम रहे, जिन्होंने “विकसित भारत” की परिकल्पना को सजीव मंचन के माध्यम से प्रस्तुत किया।

प्रथम प्रस्तुति में कस्तुरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, सरगुजा (छत्तीसगढ़) के 206 छात्राओं ने “विकसित भारत, बढ़ता भारत” थीम पर मनमोहक प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में बस्तर और सरगुजा की माटी की खुशबू, विशेष पिछड़ी जनजातियों की पारंपरिक वेशभूषा में करमा और दमकच नृत्य, नारी शक्ति, सशक्त किसान और मजबूत जवान के संदेश को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। समापन पर कलाकारों ने तिरंगे के रंगों के साथ “जय जोहार, जय छत्तीसगढ़” का उद्घोष किया।

द्वितीय प्रस्तुति, शिवोम विद्यापीठ, सांकरा, दुर्ग के 310 विद्यार्थियों ने “जयतु जयतु भारत” के माध्यम से भारत की प्राचीन संस्कृति, युवा ऊर्जा और राष्ट्र की एकता-अखंडता का जीवंत चित्रण किया। प्रत्येक नृत्य भंगिमा में विकसित भारत के सपने की झलक दिखाई दी।

तृतीय प्रस्तुति, पी.जी. उमाठे शासकीय कन्या अंग्रेजी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालय, शांति नगर, रायपुर की 300 छात्राओं ने “आरंभ है प्रचंड” नृत्य-नाट्य के माध्यम से आज़ादी के सौ वर्षों में भारत के सामाजिक, आर्थिक, तकनीकी और सांस्कृतिक उत्कर्ष को प्रभावशाली रूप में प्रस्तुत किया।

शानदार प्रस्तुतियों के लिए, प्रथम पुरस्काररू कस्तुरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, सरगुजा को, द्वितीय पुरस्काररू पी.जी. उमाठे शासकीय कन्या अंग्रेजी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालय, शांति नगर, रायपुर को तथा तृतीय पुरस्काररू शिवोम विद्यापीठ, सांकरा, दुर्ग को प्राप्त हुआ।

राज्यपाल रमेन डेका ने विजेता दलों को सम्मानित करते हुए विद्यार्थियों की प्रतिभा की सराहना की और कहा कि यही युवा शक्ति विकसित भारत की नींव है।

समारोह राष्ट्रभक्ति, सांस्कृतिक विविधता और उज्ज्वल भविष्य के संकल्प के साथ गौरवपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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