छत्तीसगढ़ में मिलावट के खिलाफ ‘महाअभियान’: कई जिलों में छापे, लाखों की सामग्री जब्त
खाद्य एवं औषधि प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: अमानक पोहा, एक्सपायरी सामग्री और नकली लेबलिंग पर कसा शिकंजा।

रायपुर । छत्तीसगढ़ सरकार के ‘स्वच्छ एवं सुरक्षित खान-पान’ के संकल्प को दोहराते हुए खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने प्रदेश भर में मिलावटखोरों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आमजन को पोषणयुक्त खाद्य सामग्री सुनिश्चित करने के लिए विभाग द्वारा कई जिलों में सघन औचक निरीक्षण कर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की गई है।
महासमुंद: प्रतिबंधित गुटखा जब्त, भारी जुर्माना
इस अभियान के तहत सबसे बड़ी कार्रवाई महासमुंद जिले में हुई, जहाँ प्रशासन ने 92,352 पाउच प्रतिबंधित गुटखा और एक्सपायरी डेट पार कर चुके बेसन व सेव को जब्त किया। न्याय निर्णयन अधिकारी ने नियमों के उल्लंघन पर 15.50 लाख रुपये का भारी-भरकम अर्थदंड अधिरोपित किया है। इसके अतिरिक्त, बिना लाइसेंस कारोबार करने वाले संचालकों पर भी जुर्माना लगाया गया है।
धमतरी: शिकायतों पर 24 घंटे में एक्शन
धमतरी जिले में विभाग ने सक्रियता दिखाते हुए जनवरी माह में 73 परिसरों की जांच की। जन-शिकायतों पर त्वरित संज्ञान लेते हुए प्रशासन ने ‘रमन स्वीट्स’ से ढोकना का नमूना जांच के लिए भेजा। साथ ही, भोजन परोसने में अखबार के उपयोग को रोकने हेतु जागरूकता अभियान भी चलाया गया।
बलौदाबाजार-भाटापारा: पोहा मिलों पर शिकंजा
भाटापारा स्थित पोहा मिलों के निरीक्षण में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। ‘मातारानी इंडस्ट्रीज’ में गलत लेबलिंग और ‘एन.एस. इंडस्ट्रीज’ द्वारा सरकारी पोर्टल पर गलत जानकारी अपलोड करने पर विधिक कार्रवाई शुरू की गई है। प्रशासन ने नायलॉन पोहा सहित कई नमूने लैब भेजे हैं।
रायगढ़: संदिग्ध पिकअप से दुग्ध उत्पाद बरामद
रायगढ़ में एक संदिग्ध पिकअप वाहन को रोककर लगभग 2 लाख रुपये मूल्य के दुग्ध उत्पाद (पनीर एनालॉग और दही) जब्त किए गए। इन सामग्रियों को गुणवत्ता जांच हेतु रायपुर स्थित राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया है।
प्रशासन की चेतावनी
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी कारोबारी को बख्शा नहीं जाएगा। यह अभियान भविष्य में और भी तीव्रता के साथ जारी रहेगा।



