जो जितना बड़ा घोटाला व भ्रष्टाचार करेगा, वह कांग्रेस में उतना ही आगे बढ़ेगा – देवलाल ठाकुर

कांग्रेस की यही रीति-नीति रही है कि आदिवासियों का शोषण कर उनकी राजनीतिक हत्या करे





रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुर ने शराब घोटाला मामले में गिरफ्तार चैतन्य बघेल की जमानत पर रिहाई के बाद निकाले गए जुलूस पर करारा कटाक्ष किया है। ठाकुर ने कहा कि चैतन्य का जुलूस निकालकर प्रदेश के कांग्रेस नेताओं ने यह साबित कर दिया कि कांग्रेस भ्रष्टाचार के साथ खड़ी है और जो जितना बड़ा घोटाला व भ्रष्टाचार करेगा, वह कांग्रेस में उतना ही आगे बढ़ेगा।

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ठाकुर ने कहा कि हजारों करोड़ रुपए के शराब घोटाले में एक ओर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य (बिट्टू) की जमानत पर रिहाई हो गई जबकि दूसरी ओर इसी शराब घोटाला मामले में भूपेश सरकार में मंत्री रहे आदिवासी नेता कवासी लखमा आज भी जेल में बंद हैं। बघेल अब लखमा की खोज-खबर तक नहीं ले रहे हैं, जबकि मुख्यमंत्री रहते हुए बघेल ने ही लखमा के पढ़े-लिखे नहीं होने का फायदा उठाते हुए सारे कागजों पर उनके ही दस्तखत कराए और आज वही आदिवासी नेता जेल में बंद है। देवलाल ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस की सदैव से यही रीति-नीति रही है कि आदिवासियों का शोषण कर उनकी राजनीतिक हत्या करे।

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुर ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री बघेल ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और बस्तर के ही आदिवासी नेता पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम समेत अन्य अनेक आदिवासी नेताओं के साथ जो-जो राजनीतिक छल-प्रपंच किया है, वह भी प्रदेश में किसी से छिपा हुआ नहीं है। कांग्रेस हमेशा भ्रष्टाचारियों के साथ रही है।

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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