छत्तीसगढ़ सरकार का नए साल पर बड़ा तोहफा: अब मेडिकल कॉलेजों में परिजनों को मिलेगा ‘अपना घर’ जैसा सुकून
स्वास्थ्य विभाग और सेवादान आरोग्य फाउंडेशन के बीच MOU, पहले चरण में चार शहरों का चयन

रायपुर । छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार ने नए साल के अवसर पर प्रदेश की जनता को संवेदनशीलता की एक बड़ी सौगात दी है। अब राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में इलाज कराने आने वाले मरीजों के परिजनों को खुले आसमान के नीचे या बरामदों में रातें नहीं गुजारनी पड़ेंगी। राज्य सरकार ने इन अस्पतालों के परिसर में ही सर्वसुविधायुक्त ‘विश्राम गृह’ बनाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है।
सरकार और सेवादान फाउंडेशन के बीच हुआ करार
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की गरिमामयी उपस्थिति में मंत्रालय (महानदी भवन) में चिकित्सा शिक्षा विभाग और ‘सेवादान आरोग्य फाउंडेशन’ के बीच एक महत्वपूर्ण एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के तहत विश्राम गृहों के निर्माण, साज-सज्जा और उनके दैनिक संचालन की पूरी जिम्मेदारी फाउंडेशन द्वारा निभाई जाएगी।
सुरक्षा और सम्मान का रखा गया है ध्यान
अधिकारियों के अनुसार, इन आश्रय स्थलों का उद्देश्य केवल छत मुहैया कराना नहीं, बल्कि परिजनों को एक सुरक्षित और गरिमामय वातावरण देना है। यहाँ 24 घंटे सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरों से निगरानी और पौष्टिक भोजन की सुविधा सुनिश्चित की जाएगी।
प्रथम चरण में इन शहरों को मिली प्राथमिकता
योजना के पहले चरण के लिए प्रदेश के चार प्रमुख केंद्रों को चुना गया है रायपुर, अंबिकापुर, रायगढ़, जगदलपुर
मुख्यमंत्री का संदेश: “इलाज के साथ सम्मान भी जरूरी”
इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार का उद्देश्य केवल बेहतर चिकित्सा सुविधा देना ही नहीं, बल्कि मरीजों के साथ आने वाले उन परिजनों की पीड़ा को कम करना भी है जो दूर-दराज से आते हैं और ठहरने की व्यवस्था न होने के कारण कष्ट सहते हैं। यह पहल स्वास्थ्य सेवाओं के साथ मानवता के समन्वय का एक बड़ा उदाहरण बनेगी।
इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, कौशल विकास मंत्री खुशवंत साहेब और छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। यह कदम राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे को अधिक मानवीय और जन-हितैषी बनाने की दिशा में मील का पत्थर माना जा रहा है।



