नक्सलवाद के अंधेरे से निकलकर विकास के सूर्योदय की ओर बढ़ता बस्तर, ‘बस्तर पण्डुम’ केवल उत्सव नहीं, बस्तर की आत्मा का पुनर्जागरण है: किरण देव
7 फरवरी को महामहिम राष्ट्रपति करेंगी शुभारंभ, 9 फरवरी को केंद्रीय गृहमंत्री का आगमन।

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने बस्तर में ग्राम पंचायत से संभाग स्तर तक तीन चरणों में आयोजित हो रहे ‘बस्तर पण्डुम’ को जनजातीय कला, संस्कृति और परंपराओं का एक अभूतपूर्व उत्सव बताया है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन बस्तर की मिट्टी, उसकी आत्मा और उसकी सांस्कृतिक पहचान को विश्व पटल पर नई ऊंचाइयां प्रदान कर रहा है।
सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण: एक मील का पत्थर
किरण देव ने जोर देते हुए कहा कि बस्तर पण्डुम का संदेश स्पष्ट है—बस्तर की संस्कृति न केवल जीवित है, बल्कि अपनी गौरवशाली विरासत के साथ खड़ी है। इस उत्सव में 12 प्रमुख विधाओं, जिनमें जनजातीय नृत्य, संगीत, शिल्प, चित्रकला, पारंपरिक व्यंजन और वन-औषधि शामिल हैं, के माध्यम से आदिवासी धरोहर का प्रदर्शन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिस विरासत को संजोने में पीढ़ियां और अनगिनत बलिदान लगे, उसका संरक्षण वर्तमान सरकार की प्राथमिकता है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने बस्तर के बदलते परिदृश्य पर चर्चा करते हुए कहा कि स्थानीय लोगों की स्वस्फूर्त भागीदारी इस बात का प्रतीक है कि बस्तर की युवा पीढ़ी अब नक्सली हिंसा के मार्ग को त्यागकर शांति, सुरक्षा और विकास के नए सूर्योदय की ओर अग्रसर है। उन्होंने संसद में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण आज बस्तर का युवा हथियारों के बजाय खेलों और ओलंपिक की तैयारी में अपनी ऊर्जा लगा रहा है।
बस्तर की इस समृद्ध विरासत को राष्ट्रीय गौरव दिलाने के उद्देश्य से आयोजित ‘बस्तर पण्डुम’ का औपचारिक शुभारंभ 7 फरवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा किया जाएगा। वहीं, 9 फरवरी को समापन सत्र में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शिरकत करेंगे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष देव ने विश्वास जताया कि यह आयोजन बस्तर को पर्यटन और सांस्कृतिक मानचित्र पर एक नई वैश्विक पहचान दिलाएगा।



