प्रकृति, संस्कृति और सुरों का महासंगम: 13 फरवरी से ‘छत्तीसगढ़ के शिमला’ में शुरू होगा मैनपाट महोत्सव
13 से 15 फरवरी तक रोपाखार जलाशय के पास जुटेगा कला प्रेमियों का रेला, एडवेंचर स्पोर्ट्स और स्थानीय व्यंजनों का मिलेगा तड़का।

रायपुर/अंबिकापुर । छत्तीसगढ़ के ‘शिमला’ और ‘छोटा तिब्बत’ के रूप में विख्यात सरगुजा जिले का सुरम्य हिल स्टेशन मैनपाट, आगामी 13 फरवरी से एक बार फिर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर अपनी चमक बिखेरने के लिए तैयार है। रोपाखार जलाशय के समीप आयोजित होने वाले तीन दिवसीय ’मैनपाट महोत्सव-2026’ का भव्य शुभारंभ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय करेंगे। 15 फरवरी तक चलने वाले इस सांस्कृतिक महाकुंभ का समापन संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल के मुख्य आतिथ्य में संपन्न होगा।
सितारों से सजेगी शाम, गूंजेंगे सुर
इस वर्ष महोत्सव के मंच पर लोक परंपराओं और आधुनिक संगीत का अद्भुत समन्वय देखने को मिलेगा:
- प्रथम दिन (13 फरवरी): उद्घाटन अवसर पर भोजपुरी सुपरस्टार मनोज तिवारी अपनी गायकी से समां बांधेंगे। साथ ही छत्तीसगढ़ी गायक सुनील सोनी और ओडिशा का प्रसिद्ध छऊ नृत्य दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेगा।
- द्वितीय दिन (14 फरवरी): सुप्रसिद्ध लोक गायिका अलका चंद्राकर और ’इंडियन आइडल’ फेम वैशाली रायकवार अपनी सुरीली आवाज से शाम को यादगार बनाएंगी।
- समापन दिवस (15 फरवरी): महोत्सव का मुख्य आकर्षण बॉलीवुड की मशहूर सिंगर कनिका कपूर होंगी। इनके अलावा रायगढ़ घराने की कत्थक नृत्यांगना ज्योतिश्री वैष्णव और गायक आयुष नामदेव भी अपनी प्रस्तुतियां देंगे।
एडवेंचर और जायके का अनूठा अनुभव
मैनपाट महोत्सव केवल गायन-वादन तक सीमित नहीं है। यहाँ आने वाले पर्यटकों के लिए एडवेंचर एक्टिविटी के तहत बोटिंग और साहसिक खेलों का इंतजाम किया गया है। साथ ही पारंपरिक दंगल का आयोजन भी आकर्षण का केंद्र रहेगा।
- फूड ज़ोन: यहाँ सैलानी सरगुजा के पारंपरिक व्यंजनों के साथ-साथ तिब्बती पकवानों का लुत्फ उठा सकेंगे।
- प्रदर्शनी: विभिन्न शासकीय विभागों द्वारा विकास प्रदर्शनी लगाई जाएगी, जिसमें स्थानीय उत्पादों जैसे टाऊ और तिब्बती हस्तशिल्प को विशेष रूप से प्रदर्शित किया जाएगा।
प्रकृति का आश्चर्य: ‘म्यूजिकल लैंड’ से ‘उल्टा पानी’ तक
समुद्र तल से 3,781 फीट की ऊंचाई पर स्थित मैनपाट अपनी भौगोलिक विशेषताओं के लिए जाना जाता है। पर्यटक यहाँ के प्रसिद्ध दर्शनीय स्थलों का भ्रमण कर सकेंगे:
- जलजली: जहाँ की धरती स्पंज की तरह हिलती है।
- उल्टा पानी: जहाँ पानी गुरुत्वाकर्षण के विपरीत ढलान की ओर बहता है।
- टाइगर पॉइंट व मछली पॉइंट: यहाँ के ऊंचे जलप्रपात और प्राकृतिक सुंदरता मंत्रमुग्ध कर देती है।
- बौद्ध मंदिर: तिब्बती संस्कृति और शांति का अनुभव कराने वाला प्रमुख केंद्र।
तैयारियां अंतिम चरण में
कलेक्टर अजीत वसंत के मार्गदर्शन में महोत्सव की तैयारियां पूर्णता की ओर हैं। जिला प्रशासन ने स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए क्षेत्रीय कलाकारों और स्कूली बच्चों को भी मंच प्रदान किया है। सुरक्षा, पार्किंग और पर्यटकों की सुविधा के लिए महोत्सव स्थल पर चाक-चौबंद व्यवस्था की गई है।



