सुचिता योजना में भारी भ्रष्टाचार का आरोप: कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत ने सरकार को घेरा, कहा- फर्नीचर फर्म को दिया गया सेनेटरी पैड सप्लाई का आदेश
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता ने मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े को घेरा; बिना जैम पोर्टल और ऑनलाइन प्रक्रिया के चहेती फर्म को काम देने का दावा।

रायपुर । छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी की प्रवक्ता वंदना राजपूत ने राज्य सरकार की ‘सुचिता योजना’ के तहत सेनेटरी पैड सप्लाई में करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने सीधे तौर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा है कि विभाग में नियमों को ताक पर रखकर ‘कमीशन का खेल’ खेला जा रहा है।
वंदना राजपूत ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर खुलासा किया कि महिला एवं बाल विकास विभाग ने बिना किसी टेंडर प्रक्रिया के 1 करोड़ 13 लाख 75 हजार रुपये का सप्लाई आदेश जारी कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह आदेश कोरिया की एक ऐसी फर्म को दिया गया है, जिसका मूल कार्य फर्नीचर निर्माण है। कांग्रेस प्रवक्ता ने सवाल उठाया कि जिस कंपनी को हाइजीन प्रोडक्ट्स का कोई पूर्व अनुभव नहीं है, उसे इतनी बड़ी जिम्मेदारी किस आधार पर सौंपी गई?
राजपूत ने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार चरम पर है। उन्होंने सरकार के ‘जीरो टॉलरेंस’ के दावे पर तंज कसते हुए कहा कि भंडार क्रय नियम 2022 और संशोधित नियम 2025 के अनुसार शासकीय खरीदी जैम (GeM) पोर्टल के माध्यम से होनी अनिवार्य है। इसके बावजूद विभाग ने ऑफलाइन आदेश जारी कर सीधे चहेतों को लाभ पहुंचाया है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने जमीनी हकीकत बयां करते हुए कहा कि सरकार ने करोड़ों खर्च कर स्कूलों में सेनेटरी नैपकिन मशीनें तो लगा दी हैं, लेकिन मेंटेनेंस के अभाव में वे कबाड़ हो रही हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि रायपुर के प्रतिष्ठित स्वामी आत्मानंद स्कूल (मोवा), सप्रे स्कूल, जे.आर. दानी और आर.डी. तिवारी स्कूल जैसे संस्थानों में मशीनें बंद पड़ी हैं। उन्होंने सवाल किया कि जब राजधानी का यह हाल है, तो दूरस्थ ग्रामीण इलाकों की बच्चियों को इस सुविधा का लाभ कैसे मिल रहा होगा?
वंदना राजपूत ने कड़े शब्दों में कहा कि अधिकांश स्कूलों में मशीनें उपलब्ध ही नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले सेनेटरी पैड खरीदने में भ्रष्टाचार किया जा रहा है और फिर बाद में उसे बेचने या ठिकाने लगाने में भी कमीशन का खेल चल रहा है। कांग्रेस ने मांग की है कि इस पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की जाए ताकि बच्चियों के स्वास्थ्य और सरकारी खजाने के साथ हो रहे इस खिलवाड़ को रोका जा सके।


