रायपुर में मकान बिक्री के नाम पर 62 लाख की ठगी, पिता-पुत्री गिरफ्तार, पुत्र फरार
बिक्री के नाम पर रकम ली, दस्तावेज देने से किया इनकार




रायपुर। राजधानी रायपुर के तेलीबांधा थाना क्षेत्र में एक बड़ा धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जिसमें मकान बिक्री के नाम पर 62 लाख रुपये की ठगी की गई। पुलिस ने आरोपी पिता असरफ अली (71 वर्ष) और उसकी पुत्री फिरोजा अली (32 वर्ष) को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि आरोपी का पुत्र असलम अली फरार है।
प्रार्थी अखतर अली, निवासी सारण (बिहार), ने रायपुर पुलिस को शिकायत दी कि उसने पुरैना स्थित एक मकान को 83 लाख रुपये में खरीदने का सौदा किया था। इस सौदे के तहत उसने अग्रिम रूप से 62.20 लाख रुपये आरोपी असरफ अली को विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर किए। दोनों पक्षों के बीच 25 जुलाई 2024 को एक इकरारनामा भी निष्पादित हुआ था, जिसमें 11 माह के भीतर विक्रय पत्र का पंजीयन तय हुआ था।
प्रार्थी ने जब दस्तावेजों की मांग की और पंजीयन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की कोशिश की, तो आरोपी ने टालमटोल शुरू कर दी। अंततः आरोपी ने मकान बेचने से इनकार कर दिया और धमकी दी कि “जो करना है कर लो।” इससे प्रार्थी को उनकी मंशा पर संदेह हुआ और उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
तेलीबांधा थाना पुलिस ने प्रकरण संख्या 545/25 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 318(4), 316(2), और 3(5) बीएनएस के अंतर्गत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान आरोपी असरफ अली और उसकी पुत्री फिरोजा अली को 26 अगस्त को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया। आरोपी का पुत्र असलम अली अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि संपत्ति से जुड़े किसी भी सौदे में पूरी सतर्कता बरतें और दस्तावेजों की जांच के बाद ही कोई निर्णय लें।