छत्तीसगढ़ में दही-हांडी का महाकुंभ:11 लाख के इनाम और देशभर की गोविंदा टोलियों के साथ रायपुर तैयार है ऐतिहासिक आयोजन के लिए
श्रीकृष्ण की लीला का आधुनिक रूप,17 अगस्त को दही-हांडी में गूंजेगा छत्तीसगढ़ का उत्सव गौरव




रायपुर । इस स्वतंत्रता दिवस के बाद, 17 अगस्त 2025 को राजधानी रायपुर का अवधपुरी मैदान एक बार फिर गूंजेगा जयकारों से, जब छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा दही-हांडी उत्सव अपने चरम पर होगा।सार्वजनिक दही-हांडी उत्सव समिति और श्री हनुमान मंदिर ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित यह पर्व न केवल परंपरा का उत्सव है, बल्कि साहस, समर्पण और सामूहिक ऊर्जा का जीवंत प्रदर्शन भी है। समिति के संयोजक बसंत अग्रवाल ने बताया कि यह आयोजन 17 अगस्त 2025 को शाम 4 बजे से अवधपुरी मैदान स्थित श्री नगर रोड, गुढ़ियारी में आयोजित होगा।
देशभर से जुटेंगी गोविंदा टोलियां
यह आयोजन छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा दही-हांडी उत्सव है, जिसमें 11 लाख रुपये का कुल नकद इनाम रखा गया है। प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, बेमेतरा, कवर्धा के साथ-साथ ओडिशा, मध्यप्रदेश, झारखंड और महाराष्ट्र जैसे राज्यों से भी टोलियां आ रही हैं। समिति ने बताया कि इस वर्ष महिला टोलियों ने भी अपनी सहभागिता सुनिश्चित की है।
मनोरंजन और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
आयोजन के दौरान दर्शकों के मनोरंजन के लिए विश्व प्रसिद्ध भजन गायिका गीता बेन रेबारी और इंडियन आइडल चैंपियन पवनदीप राजन जैसे कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। समिति ने हजारों की संख्या में आने वाले दर्शकों और गोविंदा टोलियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं। पुलिस बल, प्राथमिक उपचार केंद्र और एंबुलेंस की भी व्यवस्था रहेगी। हालांकि, समिति ने यह स्पष्ट किया है कि प्रतियोगिता के दौरान होने वाली किसी भी दुर्घटना की जिम्मेदारी स्वयं गोविंदा टोली की होगी।
उत्सव का लंबा सफर
संयोजक बसंत अग्रवाल ने बताया कि यह आयोजन 2010 में एक छोटे मैदान से शुरू हुआ था, जो अब एक विशाल उत्सव का रूप ले चुका है। दो साल कोरोना काल के कारण आयोजन नहीं हो पाया था, लेकिन अब यह अपनी भव्यता के साथ लौट आया है।
अतिरिक्त आकर्षण
इस वर्ष की प्रतियोगिता में ओडिशा के कलाकारों द्वारा पारंपरिक “घंटा बाजा” और ग्रीस युक्त खंभे पर चढ़ने की प्रतियोगिता विशेष आकर्षण का केंद्र होगी।