साय कैबिनेट के बड़े फैसले: छत्तीसगढ़ में बनेगा कर्मचारी चयन मंडल, धर्म स्वातंत्र्य विधेयक को मंजूरी; भर्ती परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए नया कानून भी आएगा

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी मिली। सरकारी भर्तियों को सुव्यवस्थित करने के लिए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल के गठन का निर्णय, धर्मांतरण पर नियंत्रण के लिए धर्म स्वातंत्र्य विधेयक को हरी झंडी तथा भर्ती परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए सख्त कानून लाने की तैयारी।





रायपुर, 11 मार्च। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित विधानसभा भवन में मंगलवार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। राज्य सरकार ने सरकारी भर्तियों की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाने के लिए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल के गठन का फैसला किया है। इसके लिए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल विधेयक 2026 के प्रारूप को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।

इसके साथ ही कैबिनेट बैठक में छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 के प्रारूप को भी स्वीकृति दी गई है, जिसका उद्देश्य प्रदेश में अवैध या जबरन धर्मांतरण की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना बताया गया है। सरकार इस विधेयक को वर्तमान विधानसभा सत्र में पेश करने की तैयारी कर रही है।


सरकारी भर्तियों के लिए बनेगा कर्मचारी चयन मंडल

राज्य में वर्तमान समय में विभिन्न सरकारी पदों के लिए भर्तियां मुख्य रूप से छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग और व्यापमं के माध्यम से आयोजित परीक्षाओं के जरिए की जाती हैं। इन संस्थाओं के माध्यम से लगभग 30 से अधिक प्रकार की भर्ती परीक्षाएं आयोजित होती हैं।

सरकार के नए प्रस्ताव के अनुसार समान योग्यता वाले पदों को अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित कर संयुक्त परीक्षा आयोजित करने की योजना बनाई गई है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार के कर्मचारी चयन आयोग की तर्ज पर छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल का गठन किया जाएगा।

इस नए मंडल के गठन से भर्ती प्रक्रिया को अधिक संगठित बनाने, परीक्षाओं की संख्या कम करने और चयन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। इससे युवाओं को भी एक ही परीक्षा के माध्यम से कई पदों के लिए अवसर प्राप्त हो सकेंगे।


भर्ती परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए आएगा सख्त कानून

राज्य सरकार भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एक नया कानून भी लाने की तैयारी कर रही है। इसके तहत छत्तीसगढ़ लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम विधेयक 2026 लाया जाएगा।

इस प्रस्तावित कानून का उद्देश्य परीक्षाओं में नकल, पेपर लीक और अन्य अनुचित गतिविधियों को रोकना है। सरकार का मानना है कि इस कानून के लागू होने से भर्ती प्रक्रिया में ईमानदारी और विश्वास बढ़ेगा तथा युवाओं को निष्पक्ष प्रतियोगिता का अवसर मिलेगा।


धर्म स्वातंत्र्य विधेयक को भी कैबिनेट की मंजूरी

कैबिनेट बैठक में छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 के प्रारूप को भी मंजूरी दी गई। सरकार का कहना है कि इस विधेयक के माध्यम से प्रदेश में जबरन, प्रलोभन या धोखे से किए जाने वाले धर्मांतरण पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।

सरकार इस विधेयक को विधानसभा के वर्तमान सत्र में प्रस्तुत करने की तैयारी कर रही है। विधेयक पारित होने के बाद धर्मांतरण से जुड़े मामलों में कानूनी कार्रवाई का स्पष्ट ढांचा तैयार हो जाएगा।


राजनीतिक आंदोलनों से जुड़े 13 मामलों को वापस लेने का निर्णय

कैबिनेट ने एक और महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए राजनीतिक आंदोलनों से संबंधित 13 प्रकरणों को वापस लेने का अनुमोदन किया है। इन मामलों को न्यायालय से वापस लेने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। सरकार का कहना है कि यह निर्णय सामाजिक सौहार्द और प्रशासनिक सरलता को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।


उपकर और शहरी विकास से जुड़े संशोधन विधेयकों को भी मंजूरी

मंत्रिमंडल की बैठक में छत्तीसगढ़ उपकर संशोधन विधेयक को भी मंजूरी दी गई है। इस संशोधन के बाद पंजीयन पर लगने वाला उपकर शुल्क समाप्त हो जाएगा, जिससे आम नागरिकों को राहत मिलने की संभावना है।

इसके अलावा छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश संशोधन विधेयक को भी स्वीकृति दी गई है, जिससे शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास योजनाओं के क्रियान्वयन को और अधिक व्यवस्थित किया जा सकेगा।

इसी क्रम में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल अधिनियम में संशोधन के प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने मंजूरी प्रदान की है।


राजनांदगांव जिला क्रिकेट एसोसिएशन को भूमि आवंटन

राज्य सरकार ने खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राजनांदगांव जिला क्रिकेट एसोसिएशन को पांच एकड़ भूमि आवंटित करने का निर्णय भी लिया है। इससे जिले में खेल सुविधाओं के विकास और युवा खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।


सरकार का लक्ष्य पारदर्शी प्रशासन और युवाओं के लिए अवसर

कैबिनेट के इन फैसलों को राज्य में प्रशासनिक सुधार और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। कर्मचारी चयन मंडल के गठन और परीक्षा प्रणाली में सुधार से भर्ती प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनने की उम्मीद है।

राज्य सरकार का कहना है कि इन फैसलों के माध्यम से शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा और युवाओं को निष्पक्ष अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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