Breaking: छत्तीसगढ़ के सरकारी विभागों पर 20 करोड़ से अधिक का बिजली बिल बकाया, आम जनता पर कार्रवाई तेज, बिजली विभाग के दोहरे मापदंड पर उठे सवाल
सरकारी दफ्तरों पर करोड़ों की बकाया राशि के बावजूद बिजली विभाग की नरमी, जबकि आम उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे जा रहे हैं; खैरागढ़ में 38 हजार से अधिक उपभोक्ताओं का कटा कनेक्शन।

रायपुर, 17 दिसंबर 2025 — छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ जिले में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। एक ओर जहां आम जनता को एक-दो महीने का बिजली बिल बकाया रहने पर कनेक्शन काटने की चेतावनी दी जा रही है, वहीं दूसरी ओर सरकारी विभागों पर 20 करोड़ रुपये से अधिक का बिजली बिल बकाया होने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। यह दोहरा मापदंड अब जनाक्रोश का कारण बनता जा रहा है।
सरकारी विभागों पर भारी बकाया, फिर भी कार्रवाई नहीं
खैरागढ़ विद्युत मंडल के आंकड़ों के अनुसार, जिले के लगभग 50 शासकीय विभागों पर कुल 20 करोड़ रुपये से अधिक का बिजली बिल बकाया है। इनमें पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग पर 10.50 करोड़ रुपये और नगरीय निकायों पर 8.33 करोड़ रुपये का सबसे अधिक बकाया है। इसके अलावा शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, आदिम जाति कल्याण, वन और जल संसाधन विभाग भी लाखों रुपये के बकाया के साथ सूची में शामिल हैं।
आम जनता पर सख्ती, 38 हजार से अधिक कनेक्शन कटे
वहीं दूसरी ओर, खैरागढ़ क्षेत्र के 33 हजार से अधिक निजी उपभोक्ताओं पर कुल 4 करोड़ रुपये का बकाया है। लेकिन बिजली विभाग ने इन उपभोक्ताओं पर सख्त रवैया अपनाते हुए 38,638 उपभोक्ताओं के कनेक्शन काट दिए हैं। यह आंकड़ा विभाग की प्राथमिकता और कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
बिजली विभाग की सफाई और प्रशासन की चुप्पी
बिजली विभाग का कहना है कि शासकीय विभागों को लगातार नोटिस भेजे जा रहे हैं और वसूली के प्रयास जारी हैं। लेकिन पिछले एक वर्ष में बकाया राशि में कोई उल्लेखनीय कमी नहीं आई है। वहीं, खैरागढ़ प्रशासन इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए है, जिससे आम जनता में असंतोष बढ़ता जा रहा है।
वनांचल क्षेत्र अब भी अंधेरे में
खैरागढ़ के कई वनांचल गांव आज भी बिजली से वंचित हैं। आजादी के 75 वर्षों बाद भी इन क्षेत्रों में बिजली नहीं पहुंची है, जबकि सरकारी विभागों द्वारा उपयोग की गई बिजली का भुगतान नहीं किया जा रहा है। यह स्थिति शासन की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े करती है।
न्याय की मांग और समानता की पुकार
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि बिजली विभाग को सभी उपभोक्ताओं के साथ समान व्यवहार करना चाहिए। यदि आम जनता पर बकाया के लिए कनेक्शन काटे जा सकते हैं, तो सरकारी विभागों पर भी वैसी ही सख्ती होनी चाहिए। यह मामला अब लोक प्रशासन की पारदर्शिता और जवाबदेही का प्रतीक बन चुका है।
निष्कर्ष
बिजली विभाग और जिला प्रशासन के लिए यह एक बड़ी चुनौती है कि वे बकाया वसूली में निष्पक्षता बरतें और जनता के विश्वास को बहाल करें। अन्यथा यह दोहरा रवैया प्रशासनिक व्यवस्था की साख को कमजोर कर सकता है।



