Panchang: 29 अगस्त 2025: राहुकाल और शुभ मुहूर्त का सटीक समय, जानें आज का पंचांग और धार्मिक महत्व





समझें राहुकाल का महत्व: क्यों है यह अशुभ

 

ज्योतिष शास्त्र में राहुकाल को दिन का सबसे अशुभ समय माना जाता है। यह एक निश्चित अवधि होती है, जो प्रत्येक दिन आती है और इसकी गणना सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच की जाती है। राहुकाल का समय स्थान और दिन के हिसाब से बदलता रहता है।

राहु को ज्योतिष में एक छाया ग्रह (Shadow Planet) माना जाता है, जिसका कोई भौतिक अस्तित्व नहीं है। यह एक ऐसा ग्रह है जो अचानक और अप्रत्याशित घटनाओं का कारक होता है।

मान्यता है कि राहुकाल के दौरान राहु का प्रभाव अत्यधिक होता है, जिससे किसी भी शुभ या नए कार्य में बाधाएँ आ सकती हैं, या उसके परिणाम विपरीत हो सकते हैं।

यही कारण है कि इस समय में कोई भी महत्वपूर्ण कार्य, जैसे कि नया व्यापार शुरू करना, विवाह, गृह प्रवेश, या किसी महत्वपूर्ण यात्रा पर जाना, वर्जित माना जाता है। इस समय में किए गए कार्यों में असफलता, देरी या अप्रत्याशित समस्याएं आने की संभावना बढ़ जाती है।

आज का पंचांग और शुभ-अशुभ मुहूर्त: 29 अगस्त, 2025

आज, 29 अगस्त, 2025 को दिन शुक्रवार है। यहाँ आज के पंचांग और मुहूर्त की विस्तृत जानकारी दी गई है।

आज का राहुकाल:

  • दोपहर 10:48 बजे से दोपहर 12:23 बजे तक
  • इस समय क्या नहीं करना चाहिए:
    • कोई भी नया और शुभ कार्य शुरू न करें।
    • यात्रा पर जाने से बचें, विशेष रूप से उत्तर-पश्चिम दिशा में।
    • महत्वपूर्ण वित्तीय लेन-देन या निवेश न करें।
    • विवाह, गृह प्रवेश, या नई नौकरी की शुरुआत जैसे कार्य न करें।
    • किसी भी तरह का कोई बड़ा निर्णय लेने से बचें।
  • इस समय क्या करना चाहिए:
    • राहुकाल में पूजा-पाठ, ध्यान और आध्यात्मिक कार्य किए जा सकते हैं।
    • धार्मिक ग्रंथों का पाठ करना शुभ माना जाता है।
    • पुराने और चल रहे कार्यों को जारी रखना सही है।

आज के शुभ मुहूर्त

अभिजीत मुहूर्त:

  • सुबह 11:59 बजे से दोपहर 12:50 बजे तक यह दिन का सबसे शुभ मुहूर्त है, जिसमें कोई भी कार्य बिना किसी बाधा के पूरा होने की संभावना रहती है।

विजय मुहूर्त:

  • दोपहर 02:30 बजे से दोपहर 03:21 बजे तक यह मुहूर्त विशेष रूप से शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने और कानूनी मामलों में सफलता के लिए शुभ माना जाता है।

अमृत काल:

  • शाम 07:11 बजे से रात 08:50 बजे तक अमृत काल सभी प्रकार के शुभ कार्यों के लिए उत्तम माना जाता है।

आज का पंचांग

  • दिनांक: 29 अगस्त, 2025
  • दिन: शुक्रवार
  • तिथि: चतुर्थी (सुबह 08:35 बजे तक, उसके बाद पंचमी)
  • पक्ष: कृष्ण पक्ष
  • मास: भाद्रपद
  • नक्षत्र: रेवती (सुबह 06:12 बजे तक, उसके बाद अश्विनी)
  • करण: बालव (सुबह 08:35 बजे तक), कौलव (शाम 07:44 बजे तक)
  • योग: शूल (रात 09:30 बजे तक)
  • सूर्योदय: सुबह 06:05 बजे
  • सूर्यास्त: शाम 06:55 बजे
  • चंद्रमा: मीन राशि में (सुबह 06:12 बजे तक, उसके बाद मेष राशि में)
  • ऋतु: वर्षा
  • विक्रम संवत: 2082

आज का धार्मिक महत्व

आज भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि है, जिसे संकष्टी गणेश चतुर्थी के रूप में भी मनाया जाता है। हालांकि आज पंचमी तिथि भी लगेगी, चतुर्थी का धार्मिक महत्व विशेष है। इस दिन भगवान गणेश की पूजा करने से सभी विघ्न दूर होते हैं। आज के दिन महिलाएं चंद्रोदय के बाद गणेश जी की पूजा करती हैं और व्रत का पारण करती हैं। यह दिन गणेश भक्तों के लिए बहुत शुभ माना जाता है। आज का दिन भगवान गणेश की कृपा प्राप्त करने के लिए उत्तम है।


डिस्क्लेमर: यह पंचांग और मुहूर्त की जानकारी ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। यह जानकारी केवल मार्गदर्शन और सामान्य ज्ञान के उद्देश्य से दी गई है। www.the4thpillar.live किसी भी व्यक्तिगत निर्णय या परिणाम के लिए जिम्मेदार नहीं है।

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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