Panchang: गणेश चतुर्थी पर राहुकाल से रहें सतर्क, जानिए 27 अगस्त 2025 का पंचांग, शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व

आज के दिन शुभ कार्यों से पहले जान लें राहुकाल का समय, पंचांग की स्थिति और पूजन के आदर्श क्षण






रायपुर, 27 अगस्त 2025 – गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर आज पूरे देश में श्रद्धा और उल्लास का वातावरण है। लेकिन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से पहले राहुकाल की जानकारी लेना अत्यंत आवश्यक होता है।

यह समय कालचक्र का ऐसा भाग माना जाता है जिसमें नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव अधिक होता है। आइए विस्तार से समझते हैं कि राहुकाल क्या होता है, इसका महत्व क्या है, और आज के दिन किन समयों में शुभ कार्य करना उचित रहेगा।


राहुकाल क्या होता है

राहुकाल हिंदू ज्योतिष में एक ऐसा समय होता है जब राहु ग्रह का प्रभाव पृथ्वी पर अधिक होता है। यह काल प्रतिदिन अलग-अलग समय पर आता है और इसे अशुभ माना जाता है।

इस दौरान कोई भी नया कार्य, यात्रा, व्यापार आरंभ, पूजा या शुभ आयोजन नहीं करना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि राहुकाल में शुरू किए गए कार्यों में बाधाएं आती हैं, सफलता में विलंब होता है या परिणाम विपरीत हो सकते हैं।


आज 27 अगस्त 2025 का राहुकाल

  • समय: दोपहर 12:22 बजे से 01:59 बजे तक
  • वार: बुधवार
  • दिशाशूल: उत्तर दिशा में यात्रा से बचें

राहुकाल में क्या न करें

  • नया व्यापार या सौदा शुरू न करें
  • यात्रा आरंभ न करें
  • विवाह, गृह प्रवेश, नामकरण जैसे संस्कार न करें
  • मूर्ति स्थापना या पूजा आरंभ न करें
  • कोई महत्वपूर्ण निर्णय न लें

राहुकाल में क्या कर सकते हैं

  • ध्यान, जप, मौन व्रत
  • पूर्व आरंभ किए गए कार्यों को जारी रखना
  • धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन
  • आत्मचिंतन और साधना

राहुकाल में नकारात्मक ऊर्जा अधिक सक्रिय होती है, इसलिए नए कार्यों की शुरुआत से बचना ही श्रेयस्कर होता है।


आज के शुभ मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:28 से 05:12 तक
  • विजय मुहूर्त: दोपहर 02:31 से 03:22 तक
  • गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:48 से 07:10 तक
  • संध्या मुहूर्त: शाम 06:48 से 07:55 तक
  • अमृत काल: रात 01:37 से 03:24 (28 अगस्त) तक

नोट: आज अभिजीत मुहूर्त उपलब्ध नहीं है


आज का विस्तृत पंचांग

  • तिथि: भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी – दोपहर 03:44 बजे तक, इसके बाद पंचमी आरंभ
  • वार: बुधवार
  • नक्षत्र: हस्त – सुबह 06:04 बजे तक, फिर चित्रा
  • योग: शुभ – दोपहर 12:35 बजे तक, फिर शुक्ल योग
  • करण: विष्टि – दोपहर 03:44 बजे तक, फिर बव
  • सूर्योदय: सुबह 05:57 बजे
  • सूर्यास्त: शाम 06:48 बजे
  • चंद्रमा की स्थिति: कन्या राशि में शाम 07:21 बजे तक, फिर तुला राशि में प्रवेश

आज का धार्मिक महत्व

आज गणेश चतुर्थी का पर्व है, जिसे विनायक चतुर्थी भी कहा जाता है। यह दिन भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। गणपति को विघ्नहर्ता, बुद्धि और समृद्धि का देवता माना जाता है। इस दिन घरों और पंडालों में गणेश प्रतिमा की स्थापना की जाती है और मध्याह्न काल में विधिवत पूजन किया जाता है। यह पर्व दस दिनों तक चलता है और अनंत चतुर्दशी को गणेश विसर्जन के साथ संपन्न होता है।

आज का दिन विशेष रूप से गणेश पूजन, व्रत, और सांस्कृतिक आयोजनों के लिए अत्यंत शुभ है। चित्रा नक्षत्र और शुभ योग इसे और भी फलदायक बनाते हैं।


डिस्क्लेमर:
यह रिपोर्ट धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी धार्मिक क्रिया या निर्णय से पूर्व अपने स्थानीय परंपराओं और विशेषज्ञों की सलाह अवश्य लें।
साभार: www.the4thpillar.live


Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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