छत्तीसगढ़ पर 22 हजार करोड़ का ‘सुरक्षा बोझ’, दीपक बैज ने पूछा- क्या यही है भाजपा का विकास मॉडल?

बजट में प्रावधान शून्य और केंद्र की उधारी हजारों करोड़; कांग्रेस ने साधा डबल इंजन सरकार के समन्वय पर निशाना।



रायपुर । ​छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने प्रदेश की भाजपा सरकार और केंद्र के बीच तालमेल की कमी को लेकर कड़ा प्रहार किया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा दिल्ली में सांसदों के साथ की गई बैठक और सुरक्षा बलों के बकाया 22 हजार करोड़ रुपये की माफी की मांग पर बैज ने इसे ‘डबल इंजन’ सरकार की विफलता करार दिया है।

​दीपक बैज ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दिल्ली में सांसदों को रात्रिभोज पर आमंत्रित कर यह अनुरोध किया कि वे केंद्र सरकार पर छत्तीसगढ़ में तैनात सुरक्षा बलों के बकाया 22 हजार करोड़ रुपये माफ करने के लिए दबाव बनाएं। बैज ने तंज कसते हुए कहा कि चुनाव के समय दावा किया गया था कि डबल इंजन की सरकार बनते ही विकास की गंगा बहेगी, लेकिन हकीकत यह है कि आज मुख्यमंत्री को नक्सलवाद जैसे गंभीर विषय पर भी केंद्र के सामने हाथ फैलाने पड़ रहे हैं।

​कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने राज्य सरकार की वित्तीय नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक ओर केंद्र हजारों करोड़ की मांग कर रहा है, वहीं दूसरी ओर राज्य सरकार के बजट में इस मद के लिए एक रुपये का भी प्रावधान नहीं है। यह स्पष्ट करता है कि केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारों के बीच संवादहीनता की स्थिति है।

दीपक बैज ने कहा कि नक्सलवाद से लड़ना केंद्र और राज्य दोनों की साझी जिम्मेदारी है। लेकिन केंद्र सरकार सुरक्षा एजेंसियां भेजकर राज्य पर आर्थिक बोझ डाल रही है और वसूली कर रही है, जो कि छत्तीसगढ़ की जनता के साथ सरासर अन्याय है।

बैज ने केंद्रीय गृह मंत्री के दौरों पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा नेता छत्तीसगढ़ आकर नक्सलवाद समाप्ति के दावे करते हैं और जनता पर अहसान जताते हैं, लेकिन पर्दे के पीछे उसी सुरक्षा के नाम पर राज्य के खजाने से पैसा वसूला जा रहा है। उन्होंने मांग की है कि केंद्र सरकार को इस राशि को तत्काल पूरी तरह माफ करना चाहिए, न कि राज्य को इस कर्ज के जाल में उलझाना चाहिए।

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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