Janmashtami Special: सरहदें पार करती श्रीकृष्ण भक्ति; पाकिस्तान से पेरिस तक जन्माष्टमी की गूंज

भगवान श्रीकृष्ण की जन्माष्टमी न केवल भारत में बल्कि पाकिस्तान, अमेरिका, यूरोप, अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया तक श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई जाती है। जानिए किन देशों में हैं कृष्ण मंदिर और कैसे होती है पूजा।

जन्माष्टमी का पर्व भारत में जितनी श्रद्धा और उल्लास से मनाया जाता है, उतनी ही भक्ति की गूंज दुनिया के कई देशों में सुनाई देती है।
भगवान श्रीकृष्ण के अनुयायी करोड़ों की संख्या में हैं और उनकी पूजा भारत की सीमाओं को पार कर वैश्विक संस्कृति का हिस्सा बन चुकी है।

पाकिस्तान में श्रीकृष्ण भक्ति की परंपरा

  • रावलपिंडी का कृष्ण मंदिर:
    1897 में निर्मित यह मंदिर पाकिस्तान का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर है। इसे कांची मल और उजागर मल राम पांचाल ने बनवाया था। विभाजन के बाद कुछ समय बंद रहा, लेकिन अब फिर से पूजा होती है।
  • लाहौर:
    यहां 20 से अधिक हिंदू मंदिर हैं, जिनमें कृष्ण मंदिर केसरपुरा में जन्माष्टमी पर विधिवत पूजा होती है।
  • कराची:
    स्वामीनारायण मंदिर में राधा-कृष्ण की मूर्तियां हैं। जन्माष्टमी पर विशेष आयोजन होता है।
  • क्वेटा:
    यहां इस्कॉन मंदिर स्थित है, जो कृष्ण भक्ति का प्रमुख केंद्र है।
  • एबटाबाद:
    श्रीकृष्ण का मंदिर है, लेकिन वर्तमान में इसकी हालत खराब है और पूजा नहीं होती।

दुनिया भर में फैली श्रीकृष्ण भक्ति

Krishna.com के अनुसार, दुनिया में लगभग 56 करोड़ वैष्णव हैं। इस्कॉन (ISKCON) जैसे संगठनों ने कृष्ण भक्ति को वैश्विक स्तर पर फैलाया है।

प्रमुख देशों में कृष्ण मंदिर

देशप्रमुख मंदिर/स्थान
🇺🇸 अमेरिकाराधा माधव धाम, न्यू वृंदावन, डलास का राधा कलाचंदजी मंदिर
🇨🇦 कनाडा12 इस्कॉन मंदिर, वैदिक शिक्षा केंद्र
🇲🇽 मेक्सिको5 इस्कॉन मंदिर
🇧🇷 ब्राजील और 🇦🇷 अर्जेंटीना60+ इस्कॉन मंदिर और कृषि समुदाय
🇬🇧 इंग्लैंडइस्कॉन मंदिर लंदन, श्री वेंकटेश्वर बालाजी मंदिर
🇫🇷 फ्रांसपेरिस में इस्कॉन मंदिर
🇷🇺 रूस30+ इस्कॉन केंद्र
🇦🇺 ऑस्ट्रेलियासिडनी में इस्कॉन मंदिर
🇲🇾 मलेशियाश्री सुब्रमण्यम देवस्थान मंदिर
🇮🇩 इंडोनेशियाप्रम्बानन मंदिर (सबसे बड़ा हिंदू मंदिर)
🇬🇭 घानाअफ्रीकी हिंदू मठ
🇫🇯 फिजी, 🇧🇩 बांग्लादेश, 🇳🇵 नेपाल, 🇸🇬 सिंगापुर, 🇲🇲 म्यांमारकृष्ण मंदिर और जन्माष्टमी आयोजन

भारत के प्रमुख कृष्ण मंदिर

भारत में श्रीकृष्ण के मंदिर न केवल आध्यात्मिक केंद्र हैं, बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर भी हैं:

  • श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर, मथुरा
  • बांके बिहारी मंदिर, वृंदावन
  • प्रेम मंदिर, वृंदावन
  • द्वारकाधीश मंदिर, द्वारका और राजसमंद
  • जगन्नाथ मंदिर, पुरी
  • गुरुवायूर मंदिर, केरल
  • उडुपी श्रीकृष्ण मठ, कर्नाटक
  • श्रीनाथजी मंदिर, नाथद्वारा
  • गोविंद देव जी मंदिर, जयपुर
  • गीता मंदिर, मथुरा
  • अमेठी का अनोखा मंदिर, जहां प्रसाद में दूध और बांस अर्पित किया जाता है

निष्कर्ष

भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति सीमाओं में नहीं बंधती। चाहे वह पाकिस्तान की गलियों में हो या पेरिस की सड़कों पर, कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व हर जगह प्रेम, भक्ति और सांस्कृतिक एकता का संदेश देता है। यह पर्व न केवल धार्मिक है, बल्कि वैश्विक आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक बन चुका है।

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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