मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया तीन दिवसीय ‘सिरपुर महोत्सव’ का भव्य आगाज,महासमुंद को मिली 200 करोड़ की सौगात
विदेशी बौद्ध विचारकों की उपस्थिति में शुरू हुआ तीन दिवसीय उत्सव, ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण का लिया संकल्प।

सिरपुर/महासमुंद। छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक स्थल सिरपुर में तीन दिवसीय ‘सिरपुर महोत्सव’ का मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज गरिमामय शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सिरपुर को विश्व स्तरीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई और क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सिरपुर केवल छत्तीसगढ़ की ही नहीं, बल्कि पूरे देश की सांस्कृतिक पहचान है। सरकार इसे ‘अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन केंद्र’ बनाने के लिए आधुनिक सड़कें, उच्च स्तरीय प्रकाश व्यवस्था, पार्किंग और एक भव्य ‘इंटरनेशनल टूरिस्ट कॉरिडोर’ विकसित करेगी। उन्होंने बताया कि सरकार सिरपुर को ‘विश्व धरोहर’ (World Heritage) की सूची में शामिल कराने के लिए भी गंभीर प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री ने जिलेवासियों को माघी पूर्णिमा की बधाई देते हुए लगभग 200 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। उन्होंने किसानों के हित में बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि अंचल के विकास के लिए जल्द ही ‘सिरपुर बैराज’ को स्वीकृति दी जाएगी। साथ ही, सिकासेर जलाशय से कोडार जलाशय तक पानी लाने की योजना पर तेजी से कार्य चल रहा है, जिससे स्थानीय किसानों को सिंचाई के लिए निरंतर पानी उपलब्ध होगा।
महोत्सव में पहुंचे मलेशिया, कोरिया और जापान के बौद्ध विचारकों का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सिरपुर सनातन, बौद्ध और जैन संस्कृतियों के मिलन की पावन भूमि है। इस विरासत को सहेजना और आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाना सरकार की प्राथमिकता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रभारी मंत्री ने कहा कि इस महोत्सव से स्थानीय युवाओं को मंच और रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं।
इस अवसर पर विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा,विधायक संपत अग्रवाल, ईश्वर साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष मोंगरा पटेल सहित भारी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और आम नागरिक उपस्थित रहे।



