मासिक धर्म पर वर्चुअल क्लास: किशोरियों के मन से मासिक धर्म की भ्रांतियों को किया दूर

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रायपुर। कोरोना काल के चलते लोग घरों में रहने के लिए मजबूर हैं। ऐसे में स्वास्थ्य संबंधी भ्रांतियों को दूर करने के लिए व्यक्तिगत रूप से लोग मितानित या आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के पास नहीं जा पा रहे हैं। इसे देखते हुए मासिक धर्म को लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा वर्चुअल क्लास का आयोजन किया गया।

वर्चुअल क्लास में सीएमएचओ ने एएनएम, मितानिन और महिला एवं बाल विकास की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को मासिक धर्म के प्रति फैली भ्रांतियों को दूर करने और स्वच्छता का विशेष ध्यान देने के लिये किशोरियों को कैसे जागरुक करें, इसके बारे में बताया गया। वर्चुअल क्लास में सीएमएचओ डॉक्टर मीरा बघेल ने कहा कि मासिक चक्र 28 दिन का होना चाहिए और रक्तस्राव की अवधि पांच दिन होनी चाहिए।

सामान्यतः मासिक चक्र 28 से 30 दिन का होता है और रक्तस्राव की अवधि तीन से पांच दिन की होती है। यह प्रक्रिया शारीरिक संरचना, खानपान, जीवनशैली के स्तर के अनुसार यह अलग अलग भी हो सकती है। 20 से 35 दिन तक और रक्तस्राव की अवधि दो से सात दिन तक भी बिल्कुल सामान्य है।

इस अवसर पर जिला कार्यक्रम प्रबंधक मनीष मेजरवार एवं आरएमएनसीएच कंसलटेंट डॉ. रंजना गायकवाड़ द्वारा मासिक धर्म स्वच्छता को लेकर प्रतिभागियों को किशोरियों और महिलाओं को नियमित जागरूक करते रहने को कहा गया। साथ ही नैपकिन पैड के सुनियोजित निष्पादन का तरीका भी बताया गया।

वर्चुअल क्लास की जानकारी देते हुए जिला मातृत्व स्वास्थ्य इकाई की नोडल अधिकारी डॉ. स्मृति देवांगन ने बताया कि महिलाओं के शरीर में हार्मोन्स के स्तर में होने वाले चक्रीय बदलावों के कारण प्रत्येक महीने नियमित रूप से गर्भाशय से होने वाले रक्त और अंदरूनी परत के स्राव को मासिक धर्म कहा जाता है।