वालफोर्ट सिटी में गूंजे श्रीकृष्ण के जयकारे: विधायक डॉ. संपत अग्रवाल की मौजूदगी में भव्य कलश यात्रा के साथ भागवत कथा का शुभारंभ
बसना विधायक डॉ संपत अग्रवाल ने धर्म ध्वजा थामकर की सुख-समृद्धि की प्रार्थना, कहा- भागवत कथा ही जीवन का वास्तविक सार

रायपुर । राजधानी रायपुर के रिंग रोड स्थित वालफोर्ट सिटी परिसर आज साक्षात् वृंदावन के रंग में रंगा नजर आया। अवसर था श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ सप्ताह के भव्य शुभारंभ का। 25 दिसंबर 2025 से 1 जनवरी 2026 तक चलने वाले इस आध्यात्मिक महाकुंभ का आगाज बसना विधायक डॉ. संपत अग्रवाल की गरिमामय उपस्थिति और भव्य मंगल कलश यात्रा के साथ हुआ।
कथा के प्रथम दिवस पर आयोजित कलश यात्रा में भक्ति का अनूठा सैलाब उमड़ पड़ा। पीले वस्त्रों में सुसज्जित सैकड़ों महिलाओं ने जब सिर पर मंगल कलश धारण कर कदम बढ़ाए, तो पूरा परिसर ‘जय श्री कृष्णा’ और ‘राधे-राधे’ के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा। गाजे-बाजे, पुष्प वर्षा और भक्ति गीतों की लहरों ने वातावरण में दिव्यता घोल दी। विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने स्वयं श्रद्धा भाव से धर्म ध्वजा थामकर यात्रा की अगुवाई की, जो उनके धर्म के प्रति अटूट विश्वास को दर्शाता है।
कलश स्थापना और पूजन के पश्चात विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने अत्यंत ओजस्वी विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल शब्दों का संग्रह नहीं, बल्कि साक्षात् श्रीकृष्ण का स्वरूप है। यह हमें सिखाती है कि विषमताओं के बीच भी धर्म और धैर्य के साथ कैसे जिया जाए। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में ऐसे आयोजन न केवल मानसिक शांति प्रदान करते हैं, बल्कि समाज में समरसता और एकता के सूत्र को भी मजबूत करते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों को जीवन में उतारना ही इस कथा की वास्तविक सार्थकता है। डॉ. अग्रवाल ने इस दौरान छत्तीसगढ़ की जनता की सुख, शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना भी की।
विधायक डॉ अग्रवाल ने बताया कि 1 जनवरी तक चलने वाले इस ज्ञान यज्ञ में प्रतिदिन कथा व्यास द्वारा भगवान के विभिन्न अवतारों, उनकी लीलाओं और जीवन दर्शन का विस्तृत वर्णन किया जाएगा। कलश यात्रा के दौरान स्थानीय निवासियों का उत्साह देखते ही बन रहा था। पुष्प वर्षा के बीच निकली इस यात्रा ने हर हृदय को भक्ति रस से सराबोर कर दिया।
इस अवसर पर आयोजन समिति के सदस्य, वालफोर्ट सिटी के प्रबुद्ध नागरिक और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिन्होंने इस आध्यात्मिक आयोजन को सफल बनाने में अपना योगदान दिया।



