छत्तीसगढ़ में कल रचेगा इतिहास: मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत 6,412 जोड़े लेंगे सात फेरे
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय साइंस कॉलेज मैदान से देंगे आशीर्वाद,'कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान' का भी होगा शंखनाद।

रायपुर । छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना’ के अंतर्गत 10 फरवरी को पूरे प्रदेश में उत्सव का माहौल रहेगा। राज्य के विभिन्न जिलों में आयोजित होने वाले भव्य समारोहों में कुल 6,412 जोड़े परिणय सूत्र में बंधेंगे। राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय मुख्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर नव-दम्पत्तियों को अपना आशीर्वाद प्रदान करेंगे।
कुपोषण के विरुद्ध बड़े अभियान का आगाज
इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय केवल कन्याओं का कन्यादान ही नहीं करेंगे, बल्कि प्रदेश के भविष्य को संवारने के लिए “कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान” का विधिवत शुभारंभ भी करेंगे।
- प्रथम चरण: 6 माह से 52 माह के 40 हजार कुपोषित बच्चों को लक्षित किया गया है।
- प्राथमिकता: इस अभियान की शुरुआत बस्तर संभाग के बीजापुर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर और सुकमा जैसे सुदूर जिलों से की जाएगी।
भव्य आयोजन और विशिष्ट अतिथि
कार्यक्रम की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह करेंगे। विशिष्ट अतिथियों में उप मुख्यमंत्री द्वय अरुण साव एवं विजय शर्मा, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू और महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े सहित मंत्रिमंडल के सदस्य व वरिष्ठ जनप्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे।
योजना के तहत मिलने वाली सहायता
राजधानी के साइंस कॉलेज मैदान में सुबह 11 बजे से 1,316 जोड़ों का विवाह संपन्न होगा। शासन द्वारा प्रत्येक जोड़े के लिए कुल 50,000 रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसमें:
- 35,000 रुपये: सीधे बैंक खाते में सहायता राशि।
- 15,000 रुपये: उपहार सामग्री एवं आयोजन व्यय हेतु।
सर्वधर्म समरसता की मिसाल
यह आयोजन सामाजिक समरसता का अनूठा उदाहरण पेश करेगा। प्रदेशभर में होने वाले इन विवाहों में विभिन्न धर्मों और परंपराओं का संगम दिखेगा:
विवाह पद्धति | जोड़ों की संख्या |
|---|---|
हिंदू रीति-रिवाज | 6,281 |
ईसाई रीति-रिवाज | 113 |
बैगा समुदाय परंपरा | 10 |
बौद्ध रीति-रिवाज | 05 |
मुस्लिम रीति-रिवाज | 03 |
रायपुर के मुख्य कार्यक्रम से बलौदा बाजार, धमतरी, दुर्ग, महासमुंद और राजनांदगांव जिले ऑनलाइन माध्यम से सीधे जुड़ेंगे, जबकि अन्य जिला मुख्यालयों पर प्रभारी मंत्रियों की उपस्थिति में स्थानीय स्तर पर आयोजन संपन्न होंगे।
यह वृहद आयोजन न केवल आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को संबल प्रदान कर रहा है, बल्कि ‘अंत्योदय’ के संकल्प को भी चरितार्थ कर रहा है।



