राजीव गांधी न्याय योजना: किसानों के पंजीयन के लिए आज से खुला पोर्टल

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रायपुर । राजीव गांधी न्याय योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए अन्न्दाता किसानों को पोर्टल के जरिए पंजीयन कराना होगा। इसके लिए मंगलवार एक जून से राज्य शासन ने पोर्टल खोल दिया है। आज से 30 सिंतबर तक किसान पंजीयन करा सकेंगे। पोर्टल में पंजीयन से पहले ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी आवेदनों व जस्र्री दस्तावेजों का सत्यापन करेंगे। इसके बाद ही पोर्टल के जरिए पंजीयन किया जाएगा।

पोर्टल के जरिए पंजीयन से पहले किसानों के दस्तावेजों की अच्छी तरह पड़ताल के लिए राज्य शासन ने ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों के अलावा साख सहकारी समिति के अधिकारियों को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है।सबसे पहले किसानों के दस्तावेजों व मांगी गई जानकारी की कृषि विस्तार अधिकारी अच्छी तरह पड़ताल करेंगे। सत्यापन के बाद किसान संबंधित साख सहकारी समिति में जाएंगे। दस्तावेजों की पड़ताल के बाद सहकारी समिति पोर्टल के जरिए किसानों का पंजीयन करेगी।

किसानों को किसी तरह की परेशानी का सामना ना करना पड़े इसे देखते हुए राज्य शासन ने पोर्टल के जरिए पंजीयन की प्रक्रिया प्रारंभ की है। जस्र्री जानकारी व दस्तावेजों के अभाव में किसान पंजीयन से ना चूके इसके लिए राज्य शासन ने दो अलग-अलग विभागों को जिम्मेदारी सौंपी है। कृषि और जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अधिकारियों को इसके लिए बराबर का जिम्मेदार ठहराया गया है।

किसानों के दस्तावेजों और आवेदन की जांच पड़ताल सबसे पहले संबंधित ग्रामीण कृषि विस्तार अध्ािकारी करंेगे। जांच के बाद सत्यापन भी करेंगे। सत्यापन प्रमाण पत्र और दस्तावेजों को लेकर किसान सहकारी समिति जाएंगे। जांच पड़ताल के बाद समिति द्वारा किसान का न्याय योजना के हितग्राही के रूप में पोर्टल के जरिए पंजीयन किया जाएगा।

  •  पंजीयन के दौरान ये दस्तावेज जमा करना जस्र्री
  •  किसान को आवेदन के साथ आधार नंबर अनिवार्य रूप से जमा करना होगा।
  •  आधार नंबर नहीं है तो जस्र्री मान्य पहचान पत्र जमा करना होगा।
  •  संबंधित किसान को आधार नंबर के लिए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण में पंजीयन कराने प्रेरित किया जाएगा।

न्याय योजना का इनको मिलेगा लाभ

  •  सभी श्रेणी के भू-स्वामी एवं वन पट्टाधारी किसान योजना का लाभ प्राप्त करने हेतु पात्र होंगे।
  •  भूईयां पोर्टल में संधारित गिरदावरी के आंकड़े तथा किसान के आवेदन में अंकित फसल व रकबे में से जो भी कम हो,उसको आदान सहायता राशि की गणना हेतु मान्य की जाएगी।

इनको नहीं मिलेगा लाभ

  • संस्थागत भू-धारक किसान और रेगहा, बटाईदार व पट्टेदार किसानों को राजीव गांधी न्याय योजना का लाभ नहीं मिलेगा।