Truck Modify: गैरेज मालिक ने ट्रक को किया मॉडिफाई, गैरेज मालिक को ही गांजा तस्करी का बना दिया आरोपित

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रायपुर । रायपुर पुलिस ने गांजा तस्करी के मामले में ट्रक की ट्राली को माडिफाइड करने वाले गैरेज मालिक को ही आरोपित बना दिया। इस मामले में दायर जमानत याचिका की सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने गैरेज संचालक की जमानत अर्जी मंजूर कर ली है।

रायपुर पुलिस ने हाल ही में चार सौ 50 किलो गांजा जब्त किया था। गांजा तस्कर ने पुलिस को उसके अवैध कारोबार की भनक न लगे। इसलिए उसने अपने ट्रक की ट्राली को ही माडिफाइड करा लिया। इससे ट्राली में अलग-अलग चेंबर बनाकर रखा गया था। ताकि उसके अंदर गांजा छिपाया जा सके। ऐसे में पुलिस की सघन जांच में भी ट्रक ट्राली में गांजा रखने की भनक तक नहीं लगती। गांजा तस्करी के इस प्रकरण में पुलिस को पूछताछ में पता चला कि आरोपित वाहन मालिक ने रायगढ़ के गैरेज संचालक निरंजन सिंह के गैरेज से ट्राली को माडिफाइड कराया था।

इस पर पुलिस ने निरंजन सिंह को भी गांजा तस्करी करने का आरोपित बना दिया और गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इस बीच आरोपित की जमानत अर्जी निचली अदालत से खारिज हो गई, जिस पर उन्होंने अपने अधिवक्ता शैलेंद्र दुबे के माध्यम से हाई कोर्ट में जमानत याचिका दायर की। इसमें तूफान सिंह विरुद्घ तमिलनाडु शासन के मामले में 2013 में दिए गए आदेश का हवाला दिया गया। इस मामले में तर्क दिया गया कि सिर्फ ट्राली बनाने के आधार पर गैरेज मालिक को गांजा तस्करी करने का आरोपित नहीं बनाया जा सकता। इस प्रकरण की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट के जस्टिस आरसीएस सामंत ने 25 हजार रुपये के मुचलके पर गैरेज संचालक की जमानत अर्जी मंजूर कर ली है।

ट्रक की ट्राली में बदलाव करने पर नहीं बना सकते आरोपित

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता के तर्कों से सहमत होकर हाई कोर्ट ने भी माना है कि गांजा तस्कर ट्रक मालिक ने गैरेज से ट्राली को माडिफाइड कराया था। इसमें प्रत्यक्ष या प्रत्यक्ष रूप से गैरेज संचालक की सहभागिता प्रदर्शित नहीं होती। गांजा तस्करी से लेकर पुलिस की जब्ती व घटनास्थल में गैरेज संचालक की भूमिका स्पष्ट नहीं है। ऐसे में सिर्फ ट्राली बनाने के आरोप में उन्हें आरोपित नहीं बनाया जा सकता है।